Earthquake In Ladakh: लद्दाख के लेह में भूकंप के झटके; रिक्टर स्केल पर 3.9 रही तीव्रता, जान-माल के नुकसान की खबर नहीं

शुक्रवार सुबह लद्दाख के लेह जिले में 3.9 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। राहत की बात यह है कि कहीं से भी किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

लेह/लद्दाख: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (Ladakh) के लेह जिले (Leh District) में शुक्रवार सुबह भूकंप (Earthquake) के हल्के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Center for Seismology) (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई. हालांकि झटकों के कारण निवासियों में कुछ देर के लिए चिंता देखी गई, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने पुष्टि की है कि इस घटना में अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या ढांचागत क्षति की कोई खबर नहीं है. यह भी पढ़ें: Leh Ladakh Earthquake: लद्दाख में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 5.7 रही तीव्रता; प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

सुबह 8:31 बजे कांपी धरती

एनसीएस के अनुसार, यह भूकंपीय घटना सुबह 08:31 बजे (IST) दर्ज की गई. भूकंप की गहराई जमीन के भीतर महज 10 किलोमीटर थी, जिसे तकनीकी भाषा में 'उथला भूकंप' (Shallow Quake) कहा जाता है. भूकंप का केंद्र 36.692°N अक्षांश और 74.382°E देशांतर पर स्थित था. उथले भूकंप अक्सर सतह पर अधिक महसूस किए जाते हैं, लेकिन तीव्रता कम होने के कारण बड़ा खतरा टल गया.

जनजीवन सामान्य, सेवाएं अप्रभावित

भूकंप के तुरंत बाद स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया. प्रशासन ने पुष्टि की है कि बिजली, पानी और संचार जैसी सभी आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से काम कर रही हैं. केंद्र शासित प्रदेश में जनजीवन पूरी तरह सामान्य है और लोग अपने दैनिक कार्यों में जुटे हुए हैं. सुरक्षा के लिहाज से आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है, लेकिन फिलहाल किसी आपातकालीन कार्रवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी है.

लेह, लद्दाख में 3.9 तीव्रता का भूकंप

उच्च-जोखिम वाले हिमालयी क्षेत्र में लद्दाख

लद्दाख का यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से 'हाई-सीस्मिक हिमालयन बेल्ट' के अंतर्गत आता है. यह जोन 4 और जोन 5 के करीब होने के कारण भूकंपीय दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है.  विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण कम तीव्रता वाले भूकंप आना एक सामान्य प्रक्रिया है.

लगातार होने वाली इन छोटी हलचलों को भूवैज्ञानिक बड़े भूकंप के दबाव को कम करने के रूप में भी देखते हैं. फिर भी, हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भूकंप सुरक्षा नियमों का पालन करने और निर्माण कार्यों में मानकों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है.

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