नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवाएं अगले महीने से दोबारा शुरू हो सकती हैं. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे चीन के लिए उड़ानें शुरू करने के लिए तैयार रहें. कोविड-19 महामारी के बाद से भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानों पर रोक लगी हुई थी. अब लगभग चार साल बाद यह सेवा बहाल होने जा रही है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों में सुधार का संकेत माना जा रहा है.
गलवान घाटी घटना के बाद तनावपूर्ण रिश्ते
जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्ते काफी बिगड़ गए थे. यह घटना दशकों में सबसे गंभीर सैन्य टकराव था, जिसके बाद सीमा पर सैन्य तैनाती बढ़ा दी गई और कई दौर की सैन्य व कूटनीतिक बातचीत हुई. हालांकि कुछ जगहों पर सेनाएं पीछे हटीं, लेकिन कई मुद्दे अभी भी सुलझे नहीं हैं.
व्यापार पर असर
तनाव के कारण चीन से निवेश और आयात पर सख्ती बढ़ गई थी. वहीं, सीधी उड़ानें बंद होने से दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों के आपसी संपर्क पर असर पड़ा. लेकिन हाल के महीनों में बातचीत और मुलाकातों के जरिए दोनों देशों के बीच रिश्तों में थोड़ी नरमी आई है.
पीएम मोदी का चीन दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन जाएंगे. यह उनका 2019 के बाद चीन का पहला दौरा होगा. चीन ने पीएम मोदी की यात्रा का स्वागत करते हुए कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि यह सम्मेलन “एकता, दोस्ती और अच्छे नतीजों का प्रतीक” बनेगा.
उच्च-स्तरीय मुलाकातें जारी
पीएम मोदी का यह दौरा हाल ही में चीन में हुई कई SCO से जुड़ी बैठकों के बाद होगा, जिनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भागीदारी शामिल रही.













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