Dengue Case: भारत में इस साल डेंगू के 49,573 मामले, सरकार ने रोकथाम के लिए 'ऑक्टालॉग' रणनीति बनाई
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि भारत में अगस्त तक डेंगू के 49,573 मामले सामने आए हैं और मच्छर जनित इस बीमारी से 42 मौतें हुई हैं. दिल्ली में 31 अगस्त 2025 तक 964 डेंगू के मामले सामने आए हैं, जो 2024 की इसी समयावधि में 1,215 मामलों से कम हैं.
नई दिल्ली, 15 सितंबर : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि भारत में अगस्त तक डेंगू (Dengue) के 49,573 मामले सामने आए हैं और मच्छर जनित इस बीमारी से 42 मौतें हुई हैं. दिल्ली में 31 अगस्त 2025 तक 964 डेंगू के मामले सामने आए हैं, जो 2024 की इसी समयावधि में 1,215 मामलों से कम हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) को इस बारे में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्रालय ने बताया. इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर के पड़ोसी राज्यों में भी डेंगू के मामलों में वृद्धि देखी गई है. उत्तर प्रदेश में 1,646 मामले, हरियाणा में 298 मामले और राजस्थान में 1,181 मामले रिपोर्ट किए गए हैं.
2024 में देशभर में डेंगू के 2,33,519 मामले सामने आए थे, जिसमें 297 लोगों की मौत हुई थी. मंत्रालय ने बताया कि इस साल डेंगू का प्रकोप अभी कम है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने राज्यों को चेताया कि वे मामलों में अचानक वृद्धि के लिए सतर्क रहें. स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों से आग्रह किया कि वे अपनी तैयारियों की फिर से समीक्षा करें, खासकर लंबी बारिश के मौसम और जलभराव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए. यह भी पढ़ें : क्या ITR दाखिल करने की Last Date सच में बढ़ गई है? जानें सच्चाई और आयकर रिटर्न भरने की सही डेडलाइन
इस बैठक का आयोजन डेंगू की मौजूदा स्थिति, नगर निगमों, अस्पतालों और राज्य सरकारों की तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए किया गया था. साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने के लिए कि निगरानी, केस मैनेजमेंट और वेक्टर नियंत्रण में कोई कमी न हो. नड्डा ने स्कूलों, श्रमिक शिविरों और डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, "हमें संभावित महामारी से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए."
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली और एनसीआर में डेंगू के नियंत्रण के लिए कई अहम कदम उठाने की दिशा में निर्देश दिए. उन्होंने वेक्टर नियंत्रण को मजबूत करने के लिए 'स्रोत में कमी' का काम तेज करने और बारिश से भरे कंटेनरों को साफ करने की सलाह दी. साथ ही, बुखार के बढ़ते मामलों वाले इलाकों में कीटाणुनाशक धुंआ छिड़कने के निर्देश भी दिए.
नड्डा ने यह भी कहा कि अस्पतालों को विशेष रूप से तैयार रखा जाना चाहिए, जिसमें पर्याप्त बिस्तर, रक्त के घटक, दवाइयां, कीटनाशक और निदान सुविधाएं शामिल हों. साथ ही, सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों को सतर्क रखने और अन्य सार्वजनिक तथा निजी अस्पतालों को अलर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं.
मंत्रालय ने जानकारी दी कि डेंगू की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक रणनीति लागू की गई है, जिसे 'ऑक्टालॉग' कहा जाता है. यह रणनीति आठ स्तंभों पर आधारित है, जिसमें निगरानी, केस मैनेजमेंट, वेक्टर मैनेजमेंट, प्रकोप प्रतिक्रिया, क्षमता निर्माण, व्यवहार में बदलाव संचार, अंतर-मंत्रालयी समन्वय, और निगरानी एवं पर्यवेक्षण शामिल हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि सरकार पहले ही कई कदम उठा चुकी है, जिसमें सलाह जारी करना, उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठकें, केस मैनेजमेंट पर प्रशिक्षण, नि:शुल्क निदान सुविधाएं, समुदाय जागरूकता अभियान, अंतर-मंत्रालयी समन्वय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करना शामिल हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 16, 2025 08:31 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

