कोरोना वायरस के Delta Variant को लेकर WHO ने किया अलर्ट, दुनियाभर में बिगड़ सकते हैं हालात
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, डेल्टा वेरिएंट अब तक कम से कम 80 देशों में फैल गया है और यह अन्य देशों में भी पैर पसार रहा है. वहीं अब कई देशों में इस वेरिएंट से बचाव को लेकर कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं.
कोरोना वायरस (COVID-19) का कहर अभी तक थमा नहीं है. इस बीच अब महामारी के डेल्टा वेरिएंट (Delta variant) ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुख्य वैज्ञानिक ने शुक्रवार को कहा कि COVID-19 का डेल्टा वेरिएंट जिसे सबसे पहले भारत में पहचाना गया था, अब इस बीमारी का विश्व स्तर पर प्रमुख रूप बन रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) लगातार कोरोना वायरस के वेरिएंट डेल्टा को लेकर चिंता व्यक्त कर रहा है. वहीं अब कई देशों में इस वेरिएंट से बचाव को लेकर कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं.
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, डेल्टा वेरिएंट अब तक कम से कम 80 देशों में फैल गया है और यह अन्य देशों में भी पैर पसार रहा है. COVID 3rd Wave: ब्रिटेन, रूस में फिर तेजी से पांव पसार रहा कोरोना वायरस, भारत के लिए भी बजी खतरे की घंटी.
अमेरिका ने भी कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक डेल्टा वेरिएंट (Delta variant) को ‘‘चिंताजनक'' बताया है. अमेरिका ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट में प्रसार क्षमता अधिक है. यह अधिक संक्रामक है और गंभीर रूप से बीमार कर सकता है.
ब्रिटेन में डेल्टा वेरिएंट से कोहराम
ब्रिटेन में डेल्टा वेरिएंट ने कोहराम मचा दिया है. ब्रिटेन में बीते एक सप्ताह में कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप से संक्रमित 33,630 नए मरीज मिले हैं, इसके साथ ही ब्रिटेन में वायरस के इस वेरिएंट से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 75,953 हो गई है.
पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि अल्फा वेरिएंट के मुकाबले डेल्टा वेरिएंट से अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने का खतरा बढ़ रहा है.
वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्ष में पाया गया है कि डेल्टा वेरिएंट अन्य वेरिएंट्स की तुलना में काफी अधिक संक्रामक हैं. अल्फा वेरिएंट की तुलना में इसका ट्रांसमिशन भी 50 फीसदी से अधिक होने का अनुमान है. इसके अलावा अल्फा की तुलना में डेल्टा वेरिएंट का वायरल लोड भी अधिक पाया गया है. कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी की वजह से ब्रिटेन में लॉकडाउन को चार और हफ्तों के लिए 19 जुलाई तक बढ़ाया गया है.
दक्षिण अफ्रीका में भी बढ़ा खतरा
दक्षिण अफ्रीका के कई प्रांतों में महामारी की तीसरी लहर के मामले आने शुरू हो गए. यहां संक्रमण फैल रहा है. कोरोना वायरस की तीसरी लहर का सबसे अधिक असर आर्थिक केंद्र गाउतेंग प्रांत पर पड़ा है. वहीं कोविड-19 से मर रहे लोगों की औसत संख्या बढ़कर 48 प्रतिशत हो गयी है.
रूस में बढ़ रहे मामले
रूस में कोरोना संक्रमण की रफ्तार 50 प्रतिशत बढ़ गई है. रूस के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र मॉस्को में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है. रूस की राजधानी में चंद हफ्तों में मरीज तीन गुना हो गए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 18, 2021 09:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

