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Delhi Mundka Fire: दिल्ली आग मामले में बड़ा खुलासा, बिल्डिंग का लाइसेंस रद्द था, AAP ने इसके लिए MCD को जिम्मेदार ठहराया

दिल्ली के मुंडका स्थित जिस इमारत में आग लगने से 27 लोगों की मौत हुई, वहां औद्योगिक गतिविधियां नहीं की जा सकती थीं। इस फैक्ट्री का लाइसेंस का रद्द किया जा चुका था. हैरानी की बात यह है कि लाइसेंस रद्द होने के बाद भी इस इमारत में औद्योगिक गतिविधियां जारी रहीं

Delhi Mundka Fire: दिल्ली आग मामले में बड़ा खुलासा, बिल्डिंग का लाइसेंस रद्द था, AAP ने इसके लिए MCD को जिम्मेदार ठहराया
मुंडका अग्निकांड (Photo Credits: Twitter)

Delhi Mundka Fire: दिल्ली के मुंडका स्थित जिस इमारत में आग लगने से 27 लोगों की मौत हुई, वहां औद्योगिक गतिविधियां नहीं की जा सकती थीं.  इस फैक्ट्री का लाइसेंस का रद्द किया जा चुका था. हैरानी की बात यह है कि लाइसेंस रद्द होने के बाद भी इस इमारत में औद्योगिक गतिविधियां जारी रहीं.आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली के मुंडका में लगी भीषण आग और उसमें 27 लोगों की मौत के लिए भाजपा शासित एमसीडी को जिम्मेदार ठहराया है. आप के मुताबिक, 2016 में एमसीडी ने सभी नियमों को ताक पर रखते हुए फैक्ट्री को लाइसेंस जारी किया. कुछ महीनों बाद लोगों द्वारा शिकायत मिलने पर भाजपा एमसीडी को लाइसेंस रद्द करना पड़ा, लेकिन चोरी-छुपे अंदर सभी काम चलते रहे.

आम आदमी पार्टी के दुर्गेश पाठक ने कहा, "हम सभी ने देखा कि मुंडका में परसों लगी भीषण आग में लालडोरा एक्सटेंशन स्थित इस इमारत में इंडस्ट्रियल गतिविधियां नहीं की जा सकती थीं. 2016 में इस फैक्ट्री ने लाइसेंस के लिए अप्लाई किया था. एमसीडी ने सभी नियमों को ताक पर रखते हुए फैक्ट्री लाइसेंस जारी कर दिया. लेकिन सात-आठ महीनों बाद जब लोगों ने शिकायत करना शुरू किया तो 2017 में एमसीडी ने इस फैक्ट्री लाइसेंस को रद्द कर दिया। लाइसेंस रद्द होने के बाद भी इंडस्ट्रियल गतिविधियां जारी रहीं. यह भी पढ़े: Delhi Mundka Fire: बिल्डिंग का मालिक मनीष लाकड़ा हुआ गिरफ्तार

2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई मॉनिटरिंग कमेटी ने इमारत को सील कर दिया. एमसीडी के कागजों पर आज भी यह इमारत सील है, लेकिन चोरी-छुपे एक छोटा रास्ता बनाकर फैक्ट्री में औद्योगिक गतिविधियां की जा रही थीं.पाठक का कहना है कि एमसीडी को इन गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी थी, बावजूद इसके उन्होंने यह सब होने दिया.

मनीष लाकड़ा इस इमारत का मालिक है। पाठक ने कहा कि ऐसी कौन सी ताकत लकड़ा में है कि सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा इमारत सील करने के बाद भी सभी गतिविधियां जारी रहीं.

दो तस्वीरें दिखाते हुए दुर्गेश पाठक ने कहा कि इस तस्वीर में मनीष लाकड़ा की है, जो भाजपा का पटका पहना हुआ है और उसके साथ भाजपा की ही कई अन्य बड़ी हस्तियां खड़ी दिखाई दे रही हैं. दूसरी तस्वीर में मनीष लाकड़ा के साथ गाड़ी में भाजपा के पार्षद-मेयर दिख रहे हैं.

दुर्गेश पाठक ने कहा कि 2015 में जब दिल्ली विधानसभा का चुनाव हो रहा था तो भाजपा का चुनावी कैंपेन भी इसी इमारत से चल रहा था। इसका मतलब यह है कि यह इमारत भाजपा के लोगों की है. इस इमारत में आज तक जो भी काम हो रहे थे, वह भाजपा के नेताओं की मदद से ही हो रहे थे.

आम आदमी पार्टी का कहना है, "मुंडका की इस इमारत में यह जो 27 लोग मरे हैं, उनकी मौत के लिए सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है. भाजपा साकेत नगर निगम का भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। इस पूरी घटना की जांच और इमारत से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2022 10:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).