Delhi Elections: रिपोर्ट दिखाइए... यमुना में जहर के दावे पर अमित शाह ने केजरीवाल को दी तीन चुनौतियां
Amit Shah | PTI

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव का माहौल गरम हो चुका है, और इस बार केंद्र में है यमुना नदी और उसमें कथित तौर पर "जहर मिलाने" का मुद्दा. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी बयानबाजी से चुनावी माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है. मंगलवार को एक चुनावी रैली में अमित शाह ने अरविंद केजरीवाल पर "झूठे आरोप" लगाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर यमुना में जहर मिलाने का जो आरोप लगाया है, वह "तथ्यहीन और जनता को गुमराह करने वाला" है.

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अमित शाह ने केजरीवाल के आरोपों पर तीन चुनौतियां दीं. गृह मंत्री ने पहली चुनौती दे कि दिल्ली जल बोर्ड की रिपोर्ट सार्वजनिक करें. शाह ने मांग की कि जिस रिपोर्ट का हवाला देकर केजरीवाल ने यह आरोप लगाया है, उसे जनता के सामने रखा जाए.

अमित शाह ने दूसरी चुनौती दे कि जहर का नाम बताएं. उन्होंने सवाल किया कि केजरीवाल बताए कि यमुना में आखिर किस "जहर" को मिलाने का दावा किया जा रहा है. तीसरी चुनौती में अमित शाह ने कहा कि केजिवाल आधिकारिक आदेश दिखाएं. शाह ने यह भी पूछा कि अगर यमुना में जहर था, तो केजरीवाल सरकार ने इसे रोकने के लिए कौन-सा आदेश जारी किया.

केजरीवाल का केंद्र पर वार

अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि यह चुनाव इस बात का फैसला करेगा कि जनता का पैसा जनता की भलाई पर खर्च होगा या फिर बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के घोंडा विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने 400 बड़े कॉरपोरेट्स के ₹10 लाख करोड़ के कर्ज माफ कर दिए, जबकि आम जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा.

केजरीवाल ने कहा, "यह चुनाव इस बात का फैसला करेगा कि हमारा पैसा जनता की भलाई पर खर्च होगा या बड़े कॉरपोरेट्स पर. अगर आप आम आदमी पार्टी को वोट देंगे, तो हम शिक्षा, स्वास्थ्य और जनता की जरूरतों पर निवेश जारी रखेंगे."

दिल्ली जल बोर्ड का स्पष्टीकरण

दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की सीईओ शिल्पा शिंदे ने अरविंद केजरीवाल के आरोपों को "तथ्यहीन और भ्रामक" करार दिया. उन्होंने दिल्ली के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा कि यह दावा बिना किसी ठोस आधार के किया गया है.

5 फरवरी को होने हैं दिल्ली में चुनाव

दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी को चुनाव होने हैं और मतगणना 8 फरवरी को होगी. दिल्ली में इस बार 1 करोड़ 55 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. यह चुनाव दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए आयोजित कराये जायेंगे. इस बार का चुनाव आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय होने के आसार है.