दिल्ली: CM अरविंद केजरीवाल की बेटी हर्षिता को किडनैप करने की धमकी, गुमनाम मेल मिलने के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
मुख्यमंत्री कार्यालय को केजरीवाल की बेटी हर्षिता को किडनैप करने संबंधी एक गुमनाम मेल मिला है. जानकारी के मुताबिक, 9 जनवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय को इस संबंध में एक गुमनाम मेल मिला, जिसके फौरन बाज केजरीवाल ने पुलिस को इसके बारे में सूचित किया.
नई दिल्ली: एक गुमनाम मेल (Anonymous Mail) के चलते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) के रातों की नींद उड़ गई है. इस मेल से अब उन्हें सुरक्षा की चिंता सताने लगी है. सीएम होने के नाते केजरीवाल की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है, ताकि उनकी सुरक्षा में किसी तरह की कोई कमी न रह जाए, लेकिन अब उन्हें अपनी नहीं बल्कि अपनी बेटी की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है. दरअसल, मुख्यमंत्री कार्यालय को केजरीवाल की बेटी (Arvind Kejriwal's daughter) हर्षिता (Harshita) को किडनैप करने संबंधी एक गुमनाम मेल मिला है.
जानकारी के मुताबिक, 9 जनवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय (Chief Minister's Office) को इस संबंध में एक गुमनाम मेल मिला, जिसके फौरन बाद केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस को इसके बारे में सूचित किया.
Delhi Chief Minister's Office received an anonymous mail on January 9 that threatened to kidnap CM Arvind Kejriwal's daughter. Delhi Police has deployed a Protective Service Officer (PSO) for CM's daughter & the matter has been handed over to Cyber cell. pic.twitter.com/Jy9PJaRF9k
— ANI (@ANI) January 12, 2019
केजरीवाल की शिकायत के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई और इस मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए उनकी बेटी हर्षिता की सुरक्षा में पुलिस तैनात कर दिया. यह भी पढ़ें: CM केजरीवाल का बीजेपी पर हमला, कहा- मोदी के तानाशाही और अलोकतांत्रिक शासन को उखाड़ फेंकने का आया समय
गौरतलब है कि अपहरण संबंधी गुमनाम मेल की शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने हर्षिता की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्टिव सर्विस ऑफिसर्स को तैनात किया है. इसके साथ ही इस मामले की गंभीरता को भांपते हुए, जांच के लिए साइबर सेल को सौंप दिया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2019 10:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

