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Delhi: आतिशी ने मैदान गढ़ी, छतरपुर में सरकारी स्कूल के नए एकेडमिक ब्लॉक का किया उद्घाटन

दिल्ली सरकार की शिक्षा मंत्री आतिशी ने मैदान गढ़ी, छतरपुर में सरकारी स्कूल के नए एकेडमिक ब्लॉक का उद्घाटन किया. इस स्कूल के 4 मंजिला नये ब्लॉक में 20 कमरे, नई लैब और लाइब्रेरी समेत कई अन्य विश्वस्तरीय सुविधाएं हैं.

Delhi: आतिशी ने मैदान गढ़ी, छतरपुर में सरकारी स्कूल के नए एकेडमिक ब्लॉक का किया उद्घाटन
(Photo : X)

नई दिल्ली, 21 अगस्त : दिल्ली सरकार की शिक्षा मंत्री आतिशी ने मैदान गढ़ी, छतरपुर में सरकारी स्कूल के नए एकेडमिक ब्लॉक का उद्घाटन किया. इस स्कूल के 4 मंजिला नये ब्लॉक में 20 कमरे, नई लैब और लाइब्रेरी समेत कई अन्य विश्वस्तरीय सुविधाएं हैं. आतिशी ने इस मौके पर कहा कि जिस मैदान गढ़ी गांव में सड़क बनाने तक की जगह नहीं है, वहां दिल्ली सरकार ने शानदार 4 मंजिला स्कूल बनाया है. कुछ साल पहले यहां टूटे हुई टिन के कमरे में स्कूल चलता था. माता-पिता अपने बच्चों को यहां दिल पर पत्थर रखकर भेजते थे. लेकिन आज स्थिति बदल गई है. मैदानगढ़ी और उसके आस पास के बच्चे यहां विश्व स्तरीय शिक्षा प्राप्त करेंगे.

आतिशी ने कहा कि दिल्ली में शिक्षा क्रांति की शुरुआत 2015 से हुई. उससे पहले दिल्ली के सरकारी स्कूल बदहाल थे. हर तरफ बदबू आती थी. शिक्षक नहीं होते थे. स्कूलों की बदहाली की वजह से बच्चे स्कूल नहीं आते थे. माता-पिता भी जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों में बच्चों को भेजने से बचते थे. दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था खस्ताहाल थी. यह भी पढ़ें : कोलकाता चिकित्सक मामला : सीआईएसएफ के दल ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज का किया दौरा

आतिशी के मुताबिक दिल्ली में गरीब परिवारों के बच्चे पहले अच्छी शिक्षा से वंचित रह जाते थे, लेकिन 2015 में चमत्कार हुआ और दिल्ली के हाथ की लकीर बदलने वाले अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बन गए. उन्होंने राज्य के बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा के लिए दिया. बजट का इतना बड़ा हिस्सा शिक्षा पर देश के किसी और राज्य में नहीं लगाया जाता है. दिल्ली सरकार ने स्कूलों की हालत सुधारने के साथ-साथ अध्यापकों को विदेशों में ट्रेनिंग के लिए भेजा. दिल्ली के सरकारी स्कूल के शिक्षकों को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी और सिंगापुर में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया. इसके अलावा आईआईएम अहमदाबाद में प्रिंसिपल्स को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया. शिक्षकों की ट्रेनिंग का बजट 10 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपए कर दिया गया.

आतिशी ने कहा कि केजरीवाल सरकार की शिक्षा क्रांति का असर दिल्ली में दिख रहा है. अब सरकारी स्कूलों में एडमिशन के लिए सिफ़ारिश आती है. सरकारी स्कूलों के नतीजे प्राइवेट स्कूलों से बेहतर आ रहे हैं. पिछले 3 साल में 4 लाख से ज़्यादा बच्चों ने प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में एडमिशन लिया है. दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब जेईई नीट का एग्जाम क्लियर कर रहे हैं.

आतिशी के मुताबिक, केजरीवाल ने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को सुधार के बच्चों की अच्छी शिक्षा का इंतज़ाम किया. उन्होंने मोहल्ला क्लीनिक बनाकर और सरकारी अस्पतालों को अच्छा कर दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारा. उन्होंने बिजली-पानी मुफ़्त कर जनता को महंगाई की मार से बचाया. महिलाओं को मुफ़्त बस यात्रा की सुविधा देकर उन्हें मजबूत बनाया. दिल्ली के लोगों ने एक पढ़े-लिखे व्यक्ति को अपना मुख्यमंत्री चुना है और उनके जनहित के कामों से परेशान होकर बीजेपी ने केजरीवाल को जेल भेज दिया. लेकिन इसके बावजूद आप सरकार दिल्ली वालों के काम करती जा रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2024 01:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).