December 5 Bharat Bandh: किसानों के समर्थन में Tribal Army द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान के बाद Twitter पर ट्रेंड कर रहा है '5 दिसंबर भारत बंद'
आदिवासी सेना यानी ट्राइबल आर्मी ने फार्म लॉ के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में शनिवार (5 दिसंबर) को देशव्यापी हड़ताल का अह्वान किया है, जिसके बाद ट्विटर पर 5 दिसंबर भारत बंद ट्रेंड कर रहा है. भारत बंद को लेकर आदिवासी सेना और उसके संस्थापक हंसराज मीणा के ट्वीट को लोग रीट्वीट कर रहे हैं.
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December 5 Bharat Bandh Trends on Twitter: केंद्र सरकार (Union Government) द्वारा कृषि सुधारों को लेकर तीन अहम विधेयकों को पास किए जाने के बाद से लगातार किसान विरोध कर रहे हैं. इन विधेयकों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन (Farmers Protest) के बीच ट्विटर पर '5 दिसंबर भारत बंद' ट्रेंड (5 December Bharat Bandh Trends on Twitter) कर रहा है. दरअसल, आदिवासी सेना यानी ट्राइबल आर्मी (Tribal Army) ने फार्म लॉ (Farm Laws) के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में शनिवार (5 दिसंबर) को देशव्यापी हड़ताल (Nationwide Strike) का अह्वान किया है, जिसके बाद ट्विटर पर 5 दिसंबर भारत बंद ट्रेंड कर रहा है. भारत बंद को लेकर आदिवासी सेना और उसके संस्थापक हंसराज मीणा (Hansraj Meena) के ट्वीट को लोग रीट्वीट कर रहे हैं.
मीणा ने अपने एक ट्वीट में कहा कि सत्तारूढ़ पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को कॉर्पोरेट्स अडानी और अंबानी के साथ सौदों पर हस्ताक्षर करने में केवल कुछ मिनट ही लगते हैं, लेकिन किसानों की मांगों को स्वीकार करने में इतना समय क्यों लग रहा है. मीणा एक राजीनीतिक कार्यकर्ता हैं. उन्होंने कहा कि किसानों से ज्यादा देशभक्त कोई नहीं है. एससी/एसटी के एक परिसंघ अखिल भारतीय परिषद ने भी आदिवासी सेना के हड़ताल के आह्ववान का समर्थन किया है. हालांकि किसी भी बड़े ट्रेड यूनियन ने अब तक हड़ताल का समर्थन नहीं किया है.
हंसराज मीणा का ट्वीट-
प्रिय, किसानों। किसानपुत्रों। किसान शुभचिंतकों। केंद्र की @narendramodi सरकार अडानी-अम्बानी से विभिन्न एग्रीमेंट के समझौता पर हस्ताक्षर करने में चंद मिनीट लगाती है। फिर देश के अन्नदाता किसानों की मांग पर समझौता में इतनी देरी क्यों? 5 दिसंबर को देशव्यापी भारत बंद का ऐलान करते हैं।
— Hansraj Meena (@HansrajMeena) December 3, 2020
ट्राइबल आर्मी का ट्वीट-
किसान विरोधी काला कानून रद्द करो।#5दिसंबर_भारत_बंद
— Tribal Army (@TribalArmy) December 3, 2020
इससे पहले केंद्र और कृषि यूनियनों के नेताओं के बीच चौथे दौर की बैठक में हाल ही में लागू किए गए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका. इस बैठक का आयोजन नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किया गया था. इस साल सितंबर में लागू हुए विवादास्पद कृषि कानूनों पर गतिरोध को तोड़ने के लिए अगले दौर की वार्ता 5 दिसंबर को होने वाली है. यह भी पढ़ें: Farmers Protest: दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी, गृह मंत्री अमित शाह के घर पर हाईलेवल बैठक
कानून लागू होने के बाद किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. खासकर पंजाब और हरियाणा के किसान इन कानूनों को निरस्त करने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों को डर है कि इन कानूनों के कारण उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा और कॉर्पोरेट उनकी उपज का लाभ उठाएंगे.
गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने कृषि सुधारों को लेकर तीन अहम विधेयक पास कराए, जिन्हें कृषक उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 नाम दिया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 04, 2020 09:43 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

