देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत को उनकी पहली पुण्यतिथि पर देश याद कर रहा है. सेना ने गुरुवार शाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दी. वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच जनरल बिपिन रावत की पुत्री तारिणी रावत और स्वर्गीय ब्रिगेडियर एल एस लिड्डर की पत्नी गीतिका लिड्डर नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर सीडीएस रावत और ब्रिगेडियर लिड्डर समेत सभी दिवंगत सैन्य अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी. गौरतलब है कि आज ही के दिन पिछले साल 8 दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुई एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जनरल बिपिन रावत उनकी पत्नी मधुलिका व भारतीय सेना के 11 अधिकारियों का निधन हो गया था. यह भी पढ़ें: 19 दिसंबर को लॉन्च होगा पहला श्योरिटी बॉन्ड इंश्योरेंस प्रोडक्ट, कांट्रेक्टर के लिए होगा गेम चेंजर
कश्मीर में अपनी तैनाती के दौरान जनरल बिपिन रावत ने आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। यहां अभी भी कई लोग उन्हें अपने हीरो के तौर पर देखते हैं. भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड के मुताबिक, प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत की याद में गुरुवार को जम्मू कश्मीर में नागरिकों ने उनकी पहली पुण्यतिथि पर एक कैंडल मार्च निकाला. करियप्पा पार्क, बारामूला में यह कैंडल मार्च निकाला गया. नॉर्दर्न कमांड के अधिकारियों का कहना है कि जीवन के सभी क्षेत्रों के नागरिकों ने इकट्ठा होकर अपने पूर्व जीओसी को श्रद्धांजलि दी.
भारतीय सेना के अधिकारियों का कहना है कि बतौर प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत द्वारा सीमाओं की सुरक्षा के साहसी निर्णय लिए गए. उनके फैसलों से सशस्त्र बलों का मनोबल सदैव मजबूत और ऊंचा हुआ है.
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जनरल बिपिन रावत की पहली पुण्यतिथि पर गीतिका लिड्डर ने जनरल बिपिन रावत व उनके साथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए व्यक्तियों को सभी की ओर से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की.
सैन्य प्रौद्योगिकी संस्थान एमआईएलआईटी, पुणे ने सीडीएस दिवंगत जनरल बिपिन रावत और 8 दिसंबर, 2021 को उनके साथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले अन्य लोगों की पहली पुण्यतिथि पर कैंपस में एक हेल्थ रन, वृक्षारोपण अभियान और एक लेक्च र का आयोजन किया.
जनरल बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च, 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी में हुआ था। वह पौड़ी जिले के साइना गांव के निवासी थे. उनके परिवार का भारतीय सेना में सेवा देने का एक लंबा इतिहास है. उनके पिता लक्ष्मण सिंह रावत, लेफ्टिनेंट-जनरल थे.
बिपिन रावत ने देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी और खड़कवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से डिग्री हासिल की थी। यहां उन्हें 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' भी हासिल हुआ था.













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