कौन होगा 15वां दलाई लामा? आज धर्मशाला से हो सकता है बड़ा ऐलान, उत्तराधिकारी पर चीन की पैनी नजर
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा धर्मशाला में अपने उत्तराधिकारी यानी 15वें दलाई लामा को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं. यह ऐलान उनके 90वें जन्मदिन के अवसर पर हो रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. इस फैसले का बड़ा राजनीतिक महत्व भी है क्योंकि चीन अगले दलाई लामा को खुद चुनने का दावा करता है.
Next Dalai Lama Announcement: पूरी दुनिया की नजरें इन दिनों हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत शहर धर्मशाला पर टिकी हुई हैं. वजह बहुत खास है. खबर है कि तिब्बती बौद्ध धर्म के सबसे बड़े गुरु, 14वें दलाई लामा, अपने अगले उत्तराधिकारी के बारे में कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं. आसान भाषा में कहें तो वो ये बता सकते हैं कि उनके बाद अगला यानी 15वां दलाई लामा कौन होगा या उसे कैसे चुना जाएगा.
क्या हो रहा है धर्मशाला में?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दलाई लामा बुधवार को 11 सीनियर बौद्ध भिक्षुओं के साथ एक खास बैठक करने वाले हैं. माना जा रहा है कि इसी बैठक में अगले दलाई लामा को लेकर चर्चा होगी. इस मीटिंग के बाद एक लिखित बयान जारी किया जा सकता है, जिसमें सारी दुनिया को इस बड़े सवाल का जवाब मिल सकता है.
यह सब दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के मौके पर हो रहा है. लंबे समय से यह उम्मीद की जा रही थी कि वह अपने 90वें जन्मदिन पर यह साफ कर देंगे कि उनकी आध्यात्मिक विरासत को कौन आगे बढ़ाएगा. धर्मशाला में इस समय तिब्बत की निर्वासित सरकार का एक धार्मिक सम्मेलन भी चल रहा है, जिसमें सैकड़ों धार्मिक गुरु हिस्सा ले रहे हैं. माहौल पूरी तरह से गहमागहमी और उम्मीदों से भरा है.
क्यों इतना ज़रूरी है ये ऐलान?
तिब्बती बौद्ध धर्म में यह मान्यता है कि दलाई लामा का निधन नहीं होता, बल्कि वे अपनी शिक्षाओं और विरासत को जारी रखने के लिए किसी बच्चे के रूप में फिर से जन्म लेते हैं. फिर उस खास बच्चे को खोजा जाता है और उसे अगले दलाई लामा के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है. मौजूदा दलाई लामा, जिनका असली नाम तेनजिन ग्यात्सो है, 14वें दलाई लामा हैं. अब दुनिया यह जानना चाहती है कि 15वें दलाई लामा को खोजने की प्रक्रिया क्या होगी.
चीन का पेंच: एक बड़ी चुनौती
इस पूरे मामले में एक बड़ा पेंच चीन का भी है. दलाई लामा 1959 में चीन के शासन के खिलाफ विद्रोह के बाद तिब्बत से भागकर भारत आ गए थे. तब से वह धर्मशाला में ही रहते हैं. चीन उन्हें एक अलगाववादी नेता मानता है और उसने यह साफ कर दिया है कि अगला दलाई लामा चुनने का हक उसका है.
हालांकि, दलाई लामा ने भी इस पर अपना रुख कड़ा रखा है. उन्होंने कहा है कि उनका उत्तराधिकारी चीन के बाहर ही जन्म लेगा और उन्होंने अपने लाखों अनुयायियों से यह अपील की है कि वे चीन द्वारा चुने गए किसी भी व्यक्ति को अगला दलाई लामा न मानें.
आगे क्या होगा?
अब सबकी निगाहें धर्मशाला से आने वाले उस लिखित बयान पर हैं, जिसमें शायद सदियों पुरानी इस परंपरा के भविष्य का राज छिपा है. यह सिर्फ एक धार्मिक मामला नहीं है, बल्कि यह तिब्बत की पहचान और चीन के साथ उसके राजनीतिक संघर्ष से भी जुड़ा एक बहुत बड़ा मुद्दा है. दलाई लामा का फैसला यह तय करेगा कि उनकी विरासत शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ती है या फिर उस पर भी राजनीतिक खींचतान हावी हो जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2025 09:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

