अहमदाबाद, 1 सितंबर: गुजरात (Gujarat) की एकमात्र कांग्रेस सांसद गेनीबेन ठाकोर (Geniben Thakor) ने एक अनोखी मांग की है.उन्होंने देशभर में गाय को "राष्ट्रीय माता" का दर्जा देने की मांग उठाई है. उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि देश के अनेक लोगों की भावना है. एएनआई से बातचीत में गेनीबेन ने कहा, "पूरे देश के लोगों की एक ही मांग है कि 'गौ माता' को 'राष्ट्रीय माता' का सम्मान दिया जाए" उन्होंने यह भी ज़िक्र किया कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में गाय को "राज्य माता" का दर्जा दिया गया था, और यही उदाहरण गुजरात में भी अपनाया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य को लेकर उन्होंने गुजरात सरकार को एक पत्र लिखा है, जिसमें गाय को "राज्य माता" का दर्जा देने की अपील की गई है. गेनीबेन ठाकोर ने कहा, "मैं उन सभी साधु-संतों के साथ खड़ी हूं जो कच्छ ज़िले के कलेक्टर कार्यालय के सामने इसी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं." उनके इस बयान के बाद, राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. यह भी पढ़ें: PM Modi China Visit: पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत, एक ही कार में बैठक स्थल के लिए रवाना; देखें तस्वीर
बता दें कि साल 2024 में महाराष्ट्र सरकार ने देशी गायों की सांस्कृतिक और कृषि संबंधी महत्ता को ध्यान में रखते हुए उन्हें ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिया था. यह फैसला तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में लिया गया था, और यह निर्णय महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक एक महीने पहले राज्य मंत्रिमंडल द्वारा पारित किया गया था. इससे कुछ समय पहले, जून 2024 में, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda Saraswati) द्वारा आरंभ की गई ‘गौ ध्वज’ पहल के अंतर्गत, उनके राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज सरकार ने भी केंद्र सरकार से यह मांग दोहराई थी कि "गौ माता" को आधिकारिक रूप से "राष्ट्रमाता" घोषित किया जाए.
शिमला(Shimla) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, शैलेंद्र योगीराज सरकार ने देश में गौहत्या पर प्रतिबंध की मांग की थी. उन्होंने कहा कि कुछ भारतीय राज्यों में गौहत्या की कानूनी अनुमति एक गंभीर विरोधाभास पैदा करती है, जबकि देश में गौ माता की पूजा की जाती है. उन्होंने कहा था, पूरे भारत में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे और गौ माता को 'राष्ट्र माता' घोषित करने वाला एक केंद्रीय कानून बनाया जाए. ‘गौ ध्वज परिक्रमा’ का जिसका उद्देश्य गौ रक्षा के लिए जनजागरूकता फैलाना और राज्य व केंद्र सरकारों पर नैतिक दबाव बनाना है.













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