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कोरोना पर चीन की बढ़ी टेंशन, WHO में भारत भी करेगा जांच की मांग का समर्थन, 60 देश और साथ

डब्ल्यूएचओ की विश्व स्वास्थ्य सभा (डब्ल्यूएचए) की सोमवार से शुरू हो रही दो दिवसीय 73वीं सभा, वायरस की चीन के शहर वुहान में उत्पत्ति की जांच को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगातार बनाए जा रहे दबाव की वजह से हो रही है.

कोरोना पर चीन की बढ़ी टेंशन, WHO में भारत भी करेगा जांच की मांग का समर्थन, 60 देश और साथ
पीएम मोदी और शी जिनपिंग (File Photo)

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी का प्रकोप बढ़ता चला जा रहा है. देश के विभिन्न हिस्सों से महज 24 घंटों में कोविड-19 (COVID-19) के 5 हजार से अधिक नए मरीज मिले. इसके साथ देश में इस जानलेवा वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 96 हजार के पार पहुंच गई है. इस अवधि में 157 और मौतों के साथ महामारी से मरने वालों का कुल आंकड़ा 3029 हो गया है. उधर भारत ने कोरोना वायरस के मूल स्थान का पता लगाने का समर्थन किया है, जिस वजह से चीन (China) पर वैश्विक दबाव और बढ़ गया है.

जिनेवा में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दो दिन के अहम सम्मेलन में हिस्सा ले रहे 60 देशों की मांग का भारत समर्थन करेगा. जिसमें कोविड-19 संकट की वैश्विक प्रतिक्रिया प्रणाली का निष्पक्ष, स्वतंत्र और समग्र आकलन किए जाने और घातक संक्रमण का पशुजन्य स्रोत का पता लगाने की बात कही गई है. साथ ही वायरस के पशुजन्य स्रोत और इंसान में इसके प्रवेश का पता लगाने की बात कही गई है. अमेरिका-चीन तनाव के बीच डब्ल्यूएचओ के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत

यूरोपीय संघ द्वारा तैयार मसौदा प्रस्ताव को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, बेलारूस, भूटान, ब्राजील, कनाडा, चिली, कोलंबिया, जिबूती, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, एल सेल्वाडोर, ग्वाटेमला, गुयाना, आईसलैंड, इंडोनेशिया, जापान, जोर्डन, कजाकस्तान, मलेशिया, मालदीव और मेक्सिको ने समर्थन दिया है. चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के 25 नए मामले, बिना लक्षण वाले संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले वुहान में

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मोंटेनीग्रो, न्यूजीलैंड, उत्तर मैसेदोनिया, नॉर्वे, पराग्वे, पेरु, कतर, कोरिया गणराज्य, मोलदोवा, रूस, सैन मरीनो, सऊदी अरब, ट्यूनीशिया, तुर्की, यूक्रेन, ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड भी इस प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं. हालांकि इस कदम को समर्थन देने वालों में अमेरिका का नाम नजर नहीं आया है.

डब्ल्यूएचओ की विश्व स्वास्थ्य सभा (डब्ल्यूएचए) की सोमवार से शुरू हो रही दो दिवसीय 73वीं सभा, वायरस की चीन के शहर वुहान में उत्पत्ति की जांच को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगातार बनाए जा रहे दबाव की वजह से हो रही है.

वर्तमान में दुनिया चीन के वुहान (Wuhan) शहर को ही जानलेवा कोविड-19 का जनक मानती है. कुछ समय पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरे यकीन के साथ दावा किया था कि दुनियाभर में लाखों लोगों की जान लेने वाले और अर्थव्यवस्थाओं को तबाह करने वाले कोरोना वायरस की उत्पत्ति चीन के वुहान शहर की एक विषाणु विज्ञान प्रयोगशाला से हुई है. हालांकि चीन इन आरोपों को खारिज करता आया है. चीन में और स्कूलों को खोला गया, विमान संचालन शुरू

उधर, चीनी अधिकारीयों का कहना है कि संभवत: अमेरिकी सेना इस घातक वायरस को वुहान में लेकर आई थी. दुनियाभर में कोविड-19 का सबसे पहला संक्रमण का केस चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर से ही सामने आया था. इस जानलेवा वायरस से दुनियाभर में 47 लाख से अधिक लोग संक्रमित है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2020 05:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).