Chhattisgarh IAS Transfer: छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 41 आईएएस अधिकारियों का तबादला, जानें किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 41 अधिकारियों का तबादला किया है. इस व्यापक फेरबदल में राज्य के कई जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं. वहीं, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपकर प्रमुख विभागों में पदस्थ किया गया है.
Chhattisgarh IAS Transfer: छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 41 अधिकारियों का तबादला किया है. इस व्यापक फेरबदल में राज्य के कई जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं. वहीं, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपकर प्रमुख विभागों में पदस्थ किया गया है.
इस फेरबदल के तहत भूरे सर्वेश्वर नरेंद्र को राजनांदगांव का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि जन्मेजय महोबे को जांजगीर-चांपा जिले की कमान सौंपी गई है. दिव्या उमेश मिश्रा को बालोद का कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, संजय अग्रवाल को बिलासपुर जिले की जिम्मेदारी दी गई है. यह भी पढ़े: 46 IAS officers Transfer: उत्तर प्रदेश में 46 आईएएस अधिकारियों का तबादला, संजय प्रसाद बने गृह विभाग के प्रमुख सचिव
इसके अलावा, इंद्रजीत सिंह चंद्रावल को खैरागढ़, कुंदन कुमार को मुंगेली और नूपुर राशि पन्ना को कोंडागांव का कलेक्टर नियुक्त किया गया है. संजय कन्नौजे को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है.
भगवान सिंह उइके को गरियाबंद और कुणाल दुदावत को दंतेवाड़ा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं, रजत बंसल को खनिज विकास निगम, विशेष सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया.
इसके साथ ही विशेष सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार विशेष सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तारन प्रकाश सिन्हा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक आयुक्त, मनरेगा के पद पर पदस्थ करते हुए संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है,
अजय कुमार अग्रवाल को बीज एवं कृषि विकास निगम के पद पर पदस्थ किया गया है. सरकार ने बताया कि राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित किया गया है.
सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक कार्यों की दक्षता और विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से उठाया गया कदम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह तबादला राज्य में सुशासन और प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है.