Uttarakhand: चारधाम यात्रा पर बरसात का कहर, 155 सड़कें बंद, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
Heavy rain wreaks havoc in Uttarakhand | PTI

नई दिल्ली: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने चारधाम यात्रा को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. गुरुवार रात से हो रही तेज बरसात के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ, जिससे 155 सड़कें बंद हो गईं. इनमें कई राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं. चमोली जिले में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कैमरा, भानेरपानी और पागल नाला इलाके में भूस्खलन से बंद हो गया. सुबह 6:30 बजे हुए इस हादसे के बाद एनएचएआई की टीम ने तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सड़क को खोल दिया. पुलिस की निगरानी में फंसे हुए यात्रियों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया.

उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाले मार्ग भी भूस्खलन की चपेट में रहे. गंगोत्री हाईवे पहले से ही 5 अगस्त की आपदा के बाद कई जगहों पर कमजोर था. गुरुवार को यह मार्ग धरासू और सोंगाड़ के पास फिर से बंद हो गया. यमुनोत्री हाईवे पर भी कुंठनौर और नारदछट्टी के पास रास्ते जाम हो गए, जिन्हें घंटों की मशक्कत के बाद खोला गया.

हर्षिल में झील बनी चिंता का कारण

धराली गांव के पास बादल फटने के बाद बनी अस्थायी झील का जलस्तर गुरुवार को 1 से 1.5 मीटर घटा. सिंचाई विभाग ने नहर बनाकर पानी का बहाव कम करने की कोशिश की, लेकिन दलदली मिट्टी के कारण मशीनों का इस्तेमाल कठिन हो रहा है. यहां के सेब उत्पादक किसान खासे चिंतित हैं क्योंकि महीने के अंत तक फसल तोड़ने का समय आ जाएगा. यदि सड़कें समय पर दुरुस्त नहीं हुईं तो करोड़ों की सेब फसल खराब हो सकती है.

BRO और प्रशासन की चुनौती

बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) ने 100 से ज्यादा मजदूरों और भारी मशीनरी लगाकर मलबा हटाने का काम शुरू किया है. वहीं टिहरी जिले में भी 25 से ज्यादा सड़कें बंद हैं. जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए. प्रभावित गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर और जरूरतमंद परिवारों को राशन किट उपलब्ध कराने की तैयारी है.

बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बागेश्वर और चंपावत में शुक्रवार को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. देहरादून, पिथौरागढ़ और कई पहाड़ी जिलों में भी शनिवार को तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है.

सरकार और प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक यात्रा के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़ और लंबा जाम होने की आशंका बनी रहेगी. एसडीआरएफ और पुलिस टीमें लगातार निगरानी में जुटी हैं.