Mumbai Local Update: यात्रियों की बढ़ती संख्या को लेकर सेंट्रल रेलवे का बड़ा फैसला, सीवुड्स-बेलापुर-उरण मार्ग पर 20 अतिरिक्त लोकल ट्रेनें चलाने की घोषणा

Mumbai Local Seawoods-Belapur-Uran Line: सीवुड्स-बेलापुर-उरण मार्ग पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने इस मार्ग पर 20 अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है. जिसे सेंट्रल रेलवे की तरफ से दीवाली का तोहफा के तौर पर देखा जा रहा हैं. सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, नेरुल-उरण मार्ग पर पिछले कुछ महीनों में यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है. बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए, सेंट्रल रेलवे (सीआर) ने हार्बर लाइन के नेरुल-उरण मार्ग पर अक्टूबर 2025 से 20 नई लोकल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है ताकि भीड़ कम की जा सके.

10 अप-10 डाउन दिशा की ट्रेनें शामिल होंगी

घोषणा के अनुसार इन अतिरिक्त सेवाओं में 10 अप और 10 डाउन दिशा की ट्रेनें शामिल होंगी, जिन्हें अक्टूबर में निर्धारित नई समय-सारिणी में जोड़ा जाएगा. इससे इस मार्ग पर कुल ट्रेन सेवाओं की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो जाएगी. यह भी पढ़े: Mumbai Local Train Door Update: मुंबई में दिसंबर 2025 से शुरू होंगी बंद दरवाजों वाली लोकल ट्रेनें, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का ऐलान

यात्रियों की मांग पर लिया गया निर्णय

दरअसल, यात्रियों की ओर से इस मार्ग पर लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की लगातार मांग की जा रही थी, यह कदम नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) के प्रस्तावित उद्घाटन को ध्यान में रखकर उठाया गया है.

बेलापुर सबसे व्यस्त स्टेशन

दैनिक यात्री आंकड़ों के अनुसार, बेलापुर सबसे व्यस्त स्टेशन है, जहां 1.35 लाख यात्री आते हैं। इसके बाद नेरुल (93,731), सीवुड्स दारावे (52,016), बामनडोंगरी (19,867), खारकोपर (12,684), न्हावा शेवा (4,067), ड्रोनागिरि (2,103) और उरण का स्थान है। इन अतिरिक्त सेवाओं से यात्रियों की यात्रा में आसानी होगी और मार्ग पर भीड़ कम होगी.

वर्तमान स्थिति

वर्तमान में, सेंट्रल रेलवे की मुख्य, हार्बर और ट्रांस-हार्बर लाइनों की तुलना में नेरुल-उरण मार्ग पर यात्री संख्या कम है. इस मार्ग पर प्रतिदिन 40 ट्रेनें चलती हैं, जिनमें 20 ट्रेनें नेरुल-उरण और 20 ट्रेनें उरण-बेलापुर के बीच हैं. पीक आवर्स में ट्रेनें हर घंटे और नॉन-पीक आवर्स में हर 90 मिनट के अंतराल पर चलती हैं.

अब दोनों दिशाओं में ट्रिप्स की संख्या बढ़कर 30-30 हो जाएगी, जिससे दो ट्रेनों के बीच का अंतराल भी कम होगा. रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर ट्रेनों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी.