केंद्रीय कर्मचारियों की नहीं घटाई जाएगी रिटायरमेंट की उम्र, सरकार ने नहीं बनाया ऐसा कोई प्लान
कोरोनो वायरस के प्रकोप के कारण उत्पन्न हुए आर्थिक संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु घटाकर 50 करने की योजना बना रही है.
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने रविवार को साफ कहा है कि किसी भी विभाग के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति (Retirement) की आयु में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. दरअसल कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि कोरोनो वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के कारण उत्पन्न हुए आर्थिक संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु घटाकर 50 करने की योजना बना रही है.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने आज ऐसी संभावना जताने वाली रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार के किसी भी स्तर पर इस तरह का कोई कदम नहीं उठाया गया है और न ही कभी इस पर विचार किया गया है. इसे बार-बार दोहराया जा रहा है. मुझे नहीं पता कि यह कैसे और कहा से हुआ. लेकिन ऐसे दावे बार-बार सामने आ रहे है. सरकार के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु को कम करने के लिए कभी कोई कदम नहीं उठाया है. कोरोना संकट ने समाज में तमाम तरह के नजरिये को भी बदला है : PM मोदी
There has been no such move at all at any level in govt, nor was it ever contemplated. It has been reiterated time & again. I don't know how this motivated, mischief comes up again & again. There is no move to reduce the retirement age of govt employees: MoS PMO Dr Jitendra Singh pic.twitter.com/VqvmyIXrdJ
— ANI (@ANI) April 26, 2020
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने 31 मार्च को एक बयान में कहा था “कोविड 19 के फैलने के परिणामस्वरूप सरकार द्वारा घोषित देशव्यापी लॉकडाउन के कारण उत्पन्न अभूतपूर्व स्थिति को देखते हुए, यह स्पष्ट किया जाता है कि केन्द्र सरकार के जो कर्मचारी 31 मार्च 2020 को उम्र के आधार पर सेवानिवृत्त होने वाले हैं, वह केन्द्र सरकार की सेवा से 31 मार्च 2020 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे, भले ही वे घर से काम कर रहे हों या कार्यालय से काम कर रहे हों.”
हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेशेंनभोगियों को दिये जाने वाले डीए को 30 जून 2021 तक मौजूदा स्तर पर ही रोक दिया है. जिस वजह से अटकलों का बाजार गरमाया हुआ है. दरअसल कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को अतिरिक्त धन की आवश्यकता पड़ रही है. जबकि इस संकट की घड़ी में लॉकडाउन की वजह से सरकार के आय के स्रोत ठप पड़े है. ऐसे में सरकार को अपने खर्चो में कटौती करने के लिए कड़े कदम उठाने पड़ रहे है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 26, 2020 04:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

