पशुगणना: मवेशियों की आबादी में आई 18 फीसदी कि बढ़त, गदहों की संख्या 61 प्रतिशत घटी
देश में गायों की आबादी विगत पशुगणना के मुकाबले 18 फीसदी बढ़ी है, जबकि गदहों की संख्या 61 फीसदी घट गई है. इसी प्रकार भैंस, भेड़, बकरे और मिथुन की आबादी बढ़ी है जबकि सूअर, घोड़े, खच्चर और ऊंट की आबादी घटी है. केंद्रीय मत्स्यपालन एवं डेरी मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी 20वीं पशुगणना की रिपोर्ट के अनुसार, देश में पशुधन की आबादी 2012 के बाद 4.6 फीसदी बढ़कर 35.75 करोड़ हो गई है.
देश में गायों की आबादी विगत पशुगणना के मुकाबले 18 फीसदी बढ़ी है, जबकि गदहों की संख्या 61 फीसदी घट गई है. इसी प्रकार भैंस, भेड़, बकरे और मिथुन की आबादी बढ़ी है जबकि सूअर, घोड़े, खच्चर और ऊंट की आबादी घटी है. केंद्रीय मत्स्यपालन एवं डेरी मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी 20वीं पशुगणना की रिपोर्ट के अनुसार, देश में पशुधन की आबादी 2012 के बाद 4.6 फीसदी बढ़कर 35.75 करोड़ हो गई है.
गायों की आबादी में 18 फीसदी की वृद्धि हुई है और पशुगणना की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में गायों की संख्या 14.51 करोड़ है, जबकि गोधन (गाय-बैल) की आबादी 0.8 फीसदी बढ़कर करीब 18.25 करोड़ हो गई है. वहीं, गोजातीय (गाय, बैल, भैंस, मिथुन और याक) की आबादी पिछली पशुगणना के मुकाबले एक फीसदी बढ़कर करीब 3.28 करोड़ हो गई है.
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विदेशी या संकर और देसी मवेशियों की आबादी क्रमश: 5.04 करोड़ और 14.21 करोड़ हो गई है. देसी गाय की आबादी में पिछली पशुगणना के मुकाबले 2019 में 10 फीसदी की वृद्धि हुई है. विदेशी या संकर गोधन की आबादी पिछली पशुगणना की तुलना में इस साल 26.9 फीसदी बढ़ी है.
हालांकि कुल देसी गोधन की संख्या छह फीसदी घट गई है. रिपोर्ट के अनुसार, 2012-2019 के दौरान देसी गोधन की आबादी में गिरावट की दर बीती पशुगणना 2007-12 के मुकाबले नौ फीसदी से कम है. देश में भैंस की आबादी पिछली पशुगणना के मुकाबले करीब एक फीसदी बढ़कर 10.98 करोड़ हो गई है. दुधारू पशुओं (गाय और भैंस) की आबादी छह फीसदी बढ़कर 12.53 करोड़ हो गई है. 20वीं पशुगणना की रिपोर्ट के अनुसार, देश में भेड़ों की संख्या बीती पशुगणना के मुकाबले 14.1 फीसदी बढ़कर करीब 7.43 करोड़ हो गई है.
वहीं, बकरों की आबादी 10.1 फीसदी बढ़कर करीब 14.89 करोड़ हो गई है जबकि सूअर की संख्या 12.03 फीसदी घटकर 90.6 लाख हो गई है. मिथुन की आबादी 30 फीसदी बढ़कर 3.9 लाख जबकि याक की आबादी 24.67 फीसदी घटर 58,000 रह गई है. देश में घोड़ों और टट्टओं की आबादी 45.6 फीसदी घटकर 3.4 लाख रह गई है. खच्चर की कुल आबादी 57.1 फीसदी घटकर 84,000 रह गई. वहीं, गदहों की आबादी पिछली पशुगणना के मुकाबले 61.23 फीसदी घटकर महज 1.2 लाख रह गई है.
ऊंट की आबादी भी 37.1 फीसदी घटकर महज 2.5 लाख रह गई. देश में पोल्ट्री यानी कुक्कुटों (मुर्गा-मुर्गी) की आबादी 16.8 फीसदी बढ़कर 85.18 करोड़ हो गई है. बैकयार्ड पोल्ट्री की आबादी 45.8 फीसदी बढ़कर 31.70 करोड़ और कमर्शियल पोल्ट्री की आबादी 4.5 फीसदी बढ़कर 53.47 करोड़ हो गई है. देश के कुल पशुधन में बकरे की तादाद 27.8 फीसदी, भेड़ की 13.87 फीसदी, गोधन की 35.94 फीसदी और भैंस की 20.45 फीसदी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 17, 2019 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

