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CBI विवाद: गैर-कानूनी ढंग से फोन टैपिंग कराने की आशंका, NSA अजीत डोभाल का नंबर भी शामिल

सीबीआई की इस आंतरिक लड़ाई के बीच अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. यहां हैरान करने वाली बात तो यह है कि जिन नंबरों को गैर-कानूनी ढंग से टैप कराए जाने की जानकारी मिली है, उनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का नाम भी शामिल है.

CBI विवाद: गैर-कानूनी ढंग से फोन टैपिंग कराने की आशंका, NSA अजीत डोभाल का नंबर भी शामिल
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (Photo Credit-PTI)

नई दिल्ली: सीबीआई की आंतरिक कलह दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है और आए दिन इस मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. सीबीआई की इस आंतरिक लड़ाई के बीच अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. खबरों के मुताबिक, सरकार ने कई संवेदनशील नंबरों को गैर-कानूनी ढंग से सर्विलांस पर रखे जाने का संदेह जताया है. इसके अलावा सिम कार्ड के इस्तेमाल में गड़बड़ी और मोबाइल नंबरों की क्लोनिंग की भी आशंका जताई जा रही है, लेकिन यहां इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात तो यह है कि जिन नंबरों को गैर-कानूनी ढंग से टैप कराए जाने की जानकारी मिली है, उनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का नाम भी शामिल है.

बता दें कि  फोन टैपिंग कराए जाने का यह संदेह तब जताया गया, जब सीबीआई के डीआईजी मनीष सिन्हा ने अपनी याचिका में अजीत डोभाल और राकेश अस्थाना के फोन पर बातचीत किए जाने की जानकारी दी. इसके अलावा मनीष सिन्हा के जूनियर सीबीआई के डीएसपी ए के बस्सी ने भी फोन सर्विलांस की बात की है

मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखे जाने के इस मामले में एक सीनियर सरकारी अधिकारी की मानें तो किसी को फंसाने के लिए यह एक बेहतरीन स्क्रिप्ट है, क्योंकि फोन कॉल के आधार पर किसी को गिरफ्तार किया जा सकता है और जब तक ट्रायल शुरु नहीं होता, तब तक व्यक्ति खुद को बेगुनाह साबित भी नहीं कर सकता. यह भी पढ़ें: CBI विवाद में जुड़ा NSA अजीत डोभाल का नाम, तलाशी अभियान रोकने के निर्देश देने का आरोप

बताया जा रहा है कि सिन्हा ने अपनी याचिका में राष्ट्रीय सलाहकार अजीत डोभाल और राकेश अस्थाना की बातचीत का ब्यौरा पेश किया है. उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने अजीत डोभाल और राकेश अस्थाना को अफआईआर के बारे में बताया और अस्थान ने डोभाल से खुद को गिरफ्तार न करने का निवेदन किया था.

गौरतलब है कि सिन्हा की इस रिपोर्ट से यह आशंका जताई जा रही है कि अस्थाना और डोभाल का फोन नंबर सर्विलांस पर रखा गया था, जबकि किसी भी जांच एजेंसी को बिना गृह सचिव की इजाजत के किसी का फोन गैर-कानूनी तरीके से सर्विलांस पर रखने की अनुमति नहीं है. बताया जाता है कि किसी के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखने के लिए अनुमति लेने की प्रक्रिया काफी लंबी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 21, 2018 09:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).