कोलकाता, 31 अगस्त : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल के करोड़ों रुपये के मवेशी तस्करी घोटाले के सिलसिले में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल के चार्टर्ड अकाउंटेंट, बोलपुर नगर पालिका के एक पार्षद और एक स्थानीय व्यवसायी के आवासों पर छापेमारी की और तलाशी अभियान चलाया. करीब दो घंटे तक चली लंबी पूछताछ के बाद सुबह करीब 10 बजे सीबीआई ने बोलपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 19 के पार्षद विश्वज्योति बंदोपाध्याय को भी हिरासत में ले लिया. सीबीआई ने मंडल के निजी चार्टर्ड एकाउंटेंट मनीष कोठारी और बोलपुर के स्थानीय व्यवसायी सुदीप रॉय के आवासों पर भी छापेमारी की.
सीबीआई के सूत्र ने बताया, "मंडल की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, हमें बोलपुर में उनकी बेटी सुकन्या मंडल के स्वामित्व वाली दो चावल मिलों के बारे में पता चला. हमने सुकन्या के साथ एएनएम एग्रोकेम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और नीर डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड नामक दो शेल कंपनियों की भी पहचान की है. इन प्रारंभिक निष्कर्षो पर इस तरह की छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है." पता चला है कि सीबीआई के अधिकारियों ने अनुब्रत मंडल की दिवंगत पत्नी चोबी मंडल और उनके अंगरक्षक सहगल हुसैन के नाम पर दर्ज कई संपत्तियों की भी पहचान की है. यह भी पढ़ें : भाजपा के कथित ‘ऑपरेशन लोटस’ के विरुद्ध जांच के लिए सीबीआई निदेशक से मिलेंगे आप विधायक
केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी पहले ही अनुब्रत मंडल और उनके परिवार की 16.97 करोड़ रुपये की बैंक सावधि जमा को जब्त कर चुके हैं. केंद्रीय सशस्त्र बलों की एक बड़ी टुकड़ी के साथ सीबीआई की टीमें मंगलवार देर रात बोलपुर पहुंचीं. सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लिया गया पार्षद अनुब्रत मंडल का बेहद करीबी था और बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक नेटवर्क की देखरेख करता था. एजेंसी के अधिकारियों को संदेह है कि वह उन्हें पशु तस्करी घोटाले से संबंधित महत्वपूर्ण लिंक प्रदान कर सकते हैं.