VIDEO: यूपी के हरदोई में टीचर की बेरहमी! तीसरी कक्षा के छात्र को मुर्गा बनाकर पीटा, पैर हुआ फ्रैक्चर

श्री कल्याण देवी बाल कल्याण विद्यालय, बिरौरी में पढ़ने वाले तीसरी कक्षा के छात्र अक्षय कुमार को उसके शिक्षक हर्षित ने इतनी बेरहमी से पीटा कि उसका पैर फ्रैक्चर हो गया.

Representative Image Created Using AI

Hardoi Teacher Cruelty: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक प्राइवेट स्कूल के शिक्षक की क्रूरता सामने आई है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है. जानकारी के अनुसार, श्री कल्याण देवी बाल कल्याण विद्यालय, बिरौरी में पढ़ने वाले तीसरी कक्षा के छात्र अक्षय कुमार को उसके शिक्षक हर्षित ने इतनी बेरहमी से पीटा कि उसका पैर फ्रैक्चर हो गया. अक्षय के परिवार वालों का आरोप है कि वह दलित समुदाय से आता है, जिस कारण शिक्षक ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया.

यह घटना झालापुरवा गांव की है, जहां रहने वाला अक्षय स्कूल में पढ़ाई कर रहा था.

ये भी पढें: VIDEO: बारात के दौरान जमकर किया कार की छत पर चढ़कर डांस, ट्रैफिक भी किया जाम, बारातियों ने मचाया हंगामा, हरदोई का वीडियो हुआ वायरल

यूपी के हरदोई में टीचर की बेरहमी!

घटना के बाद अभिभावकों में गुस्सा

परिजनों के मुताबिक, अक्षय सवाल का जवाब नहीं दे सका, जिससे नाराज होकर शिक्षक ने उसे पहले गालियां दीं, फिर बुरी तरह पीटा और मुर्गा बना दिया. इसके बाद क्रूरता की हद पार करते हुए, शिक्षक उसके ऊपर बैठ गया, जिससे अक्षय का पैर टूट गया. अक्षय की मां रंजना ने इस घटना की शिकायत कोतवाली में दर्ज कराने की मांग की है.

मामले की जांच में जुटी पुलिस

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक उमाकांत दीपक ने बताया कि घायल छात्र को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने पर उसे हरदोई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दोषी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

स्कूल की लापरवाही पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की चुप्पी और लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं. अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्राइवेट स्कूल गंभीर नहीं हैं. अभिभावकों की मांग है कि दोषी शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई की जाए. स्कूल प्रशासन भी जिम्मेदारी ले और पीड़ित परिवार की मदद करे. इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं.

क्योंकि यह घटना सिर्फ अक्षय के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर एक सवाल खड़ा करती है कि क्या बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है?

Share Now

\