Dadar Kabutarkhana Video: बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने दादर स्थित प्रसिद्ध कबूतरखाना पूरी तरह से बंद कर दिया है. कोर्ट के आदेश के अनुसार, कबूतरों को सार्वजनिक स्थानों पर दाना डालना अब एक दंडनीय अपराध है. जिस आदेश का पालन करते हुए बीएमसी ने दादा कबूतर खांना को पस्तिक से ढक दिया हैं
दादर कबूतरखाना इतिहास
मुंबई का दादर कबूतरखाना एक लंबा इतिहास रहा है, जहां हर सुबह बड़ी संख्या में लोग कबूतरों को दाना डालने पहुंचते थे. अब BMC ने इस स्थल को प्लास्टिक शीट से ढक दिया है और वहां दाना डालना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कबूतर अब प्लास्टिक कवर के बाहर और आसपास की इमारतों की छतों पर मंडरा रहे हैं.
दादर कबूतरखाना बंद
स्वास्थ्य के लिए खतरा बना कबूतरों को दाना डालना
विशेषज्ञों के अनुसार, कबूतरों की बीट और पंखों में पाए जाने वाले बैक्टीरिया व फंगस से गंभीर सांस संबंधी बीमारियाँ फैल सकती हैं, जैसे:
- हिस्टोप्लास्मोसिस
- सिटाकोसिस
- क्रिप्टोकोकोसिस
ये बीमारियाँ विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकती हैं. इसलिए कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए मुंबई के सभी कबूतर खाना को बंद करने का आदेश जारी किया.
माहिम में केस दर्ज
कोर्ट के आदेश के बाद मुंबई में पहली बार कबूतरों को दाना डालने पर अज्ञात शख्स के खिलाफ माहिम में केस दर्ज हुआ है. महिला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 270 और धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया है. यह देश का पहला ऐसा मामला है, जिसमें कबूतरों को दाना डालने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की.













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