BMC Elections 2026: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने जा रहे हैं. इस बार चुनावी मैदान में न केवल राजनीतिक साख, बल्कि उम्मीदवारों की भारी-भरकम संपत्ति भी चर्चा का विषय बनी हुई है. चुनावी हलफनामों के विश्लेषण से पता चला है कि कुल 227 सीटों पर लड़ रहे उम्मीदवारों में से लगभग 35% 'करोड़पति' हैं. व्यक्तिगत संपत्ति में यह उछाल मुंबई के विकास और रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों का संकेत दे रही है.
बीजेपी ने उतारे सबसे ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार
आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस चुनाव में सबसे अधिक अमीर उम्मीदवारों को टिकट दिया है. बीजेपी के लगभग 70% नामांकित व्यक्तियों ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है. इसके बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) का नंबर आता है. इन दोनों दलों ने विशेष रूप से पश्चिमी और पूर्वी मुंबई के उपनगरीय इलाकों में कई अमीर उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. यह भी पढ़े: BMC Elections 2026: एक्शन में बीएमसी, मतदान ड्यूटी से गैरहाजिर 6,871 कर्मचारियों को नोटिस जारी
मकरंद नार्वेकर सबसे अमीर उम्मीदवार
दक्षिण मुंबई के कोलाबा (वार्ड 226) से बीजेपी उम्मीदवार मकरंद नार्वेकर (Makarand Narvekar) इस चुनाव के सबसे अमीर प्रत्याशी बनकर उभरे हैं। नार्वेकर ने अपने हलफनामे में कुल 124.4 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है।6 उनकी संपत्ति में यह भारी वृद्धि अलीबाग में कृषि भूमि और दक्षिण मुंबई में प्रीमियम आवासीय संपत्तियों के कारण हुई है। पिछले नौ वर्षों में उनकी संपत्ति में रिकॉर्ड तोड़ इजाफा देखा गया है।
प्रमुख अमीर उम्मीदवार और उनकी संपत्ति
मुंबई के इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में कई ऐसे चेहरे हैं जिनकी संपत्ति करोड़ों में है:
| उम्मीदवार का नाम | पार्टी | वार्ड / क्षेत्र | घोषित संपत्ति |
| मकरंद नार्वेकर | बीजेपी | वार्ड 226 (कोलाबा) | ₹124.4 करोड़ |
| हर्षिता नार्वेकर | बीजेपी | वार्ड 225 (कफ परेड) | ₹63.62 करोड़ |
| सना अब्बास कुरैशी | समाजवादी पार्टी | कलिना | ₹60.3 करोड़ |
| समाधान सरवणकर | शिवसेना (शिंदे) | वार्ड 194 (प्रभादेवी) | ₹46.59 करोड़ |
| श्रद्धा जाधव | शिवसेना (UBT) | वार्ड 202 (परैल) | ₹46.34 करोड़ |
रियल एस्टेट की कीमतों में उछाल है मुख्य कारण
उम्मीदवारों की संपत्ति में हुई इस वृद्धि का मुख्य कारण मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतों का बढ़ना बताया जा रहा है. कई उम्मीदवारों ने रायगढ़ और उपनगरीय इलाकों में निवेश किया था, जिनकी कीमत 'अटल सेतु' (MTHL) जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण दोगुनी या तिगुनी हो गई है.
बीएमसी का बजट कई छोटे राज्यों के कुल बजट से भी बड़ा है, ऐसे में इन 'धनकुबेर' पार्षदों की भूमिका शहर के विकास और शासन व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.15 जनवरी को मतदान होगा और 16 जनवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे.










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