Manipur Violence: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अधिकारमयुम शारदा देवी के घर में तोड़फोड़ की कोशिश, मंत्री के कार्यालय में लगाई आग
मणिपुर में भीड़ ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अधिकारमयुम शारदा देवी के आवास में तोड़फोड़ की कोशिश की और थोंगजू विधानसभा क्षेत्र चुने गए वन व बिजली मंत्री थोंगम बिस्वजीत सिंह के प्रधान कार्यालय में आग लगा दी
इंफाल, 17 जून: मणिपुर में भीड़ ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अधिकारमयुम शारदा देवी के आवास में तोड़फोड़ की कोशिश की और थोंगजू विधानसभा क्षेत्र चुने गए वन व बिजली मंत्री थोंगम बिस्वजीत सिंह के प्रधान कार्यालय में आग लगा दी पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी गुस्साई भीड़ ने शुक्रवार आधी रात के करीब इंफाल में पोरमपेट के पास शारदा देवी के घर पर हमला करने की कोशिश की. यह भी पढ़े: Manipur Violence: केंद्रीय बलों की मौजूदगी के बावजूद मणिपुर में कानून-व्यवस्था विफल- केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने हवा में गोलियां चलाईं और भीड़ को तितर-बितर कर दिया
बिजली और वन मंत्री थोंगम बिस्वजीत सिंह, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के बाद मणिपुर परिषद के दूसरे-इन-कमांड थोंगजू विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं सुरक्षा बलों और सशस्त्र आतंकवादियों के बीच मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वाकटा और चुराचंदपुर जिले के कांगवई से पूरी रात गोलीबारी की सूचना मिली.
सुरक्षाबलों ने पश्चिम इंफाल के इरिंगबाम पुलिस स्टेशन से बदमाशों द्वारा हथियार लूटने की कोशिश को नाकाम कर दिया है लगभग 1,000 लोगों की भीड़ ने महल परिसर के पास की इमारतों को जलाने की कोशिश की रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और रबर की गोलियां चलाईं विभिन्न समूहों और संगठनों ने मणिपुर के विभिन्न स्थानों में सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और संपत्तियों को आग लगा दी.
सेना, असम राइफल्स, विभिन्न अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और मणिपुर आरएएफ ने शुक्रवार देर शाम से मार्च जारी रखा और शनिवार को इलाके में गश्त और तेज कर दी गई पुलिस ने कहा कि जातीय संघर्षों के शीघ्र समाधान की मांग कर रही भीड़ ने सभी मंत्रियों, विधायकों और सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि वे संकट को समाप्त करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं.
विनाशकारी जातीय हिंसा में अब तक 120 से अधिक लोग मारे गए और 400 से अधिक घायल हुए हैं मणिपुर में तीन मई को राज्य के पहाड़ी जिलों में एक जनजातीय छात्र निकाय द्वारा मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के बाद हिंसा शुरू हुई थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 17, 2023 02:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

