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राज ठाकरे का सनसनी खेज आरोप, कहा- राम मंदिर के नाम पर सरकार ओवैसी के साथ मिलकर देश में दंगा करा सकती है

राज ठाकरे (MNS chief Raj Thackeray)ने भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) पर एक सनसनी आरोप लगाया है. मुंबई से सटे विक्रोली में आयोजित एक सभा के दौरान राज ठाकरे ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के पास इस समय कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह जनता की वोट पाने के लिए राम मंदिर के नाम पर हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच मतभेद पैदा करके दंगा कराना चाहती है

राज ठाकरे का सनसनी खेज आरोप, कहा- राम मंदिर के नाम पर सरकार ओवैसी के साथ मिलकर देश में दंगा करा सकती है
मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Photo Credits ANI)

मुंबई: चुनावी लाभ के लिए देश में दंगा कराने को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे (MNS chief Raj Thackeray) ने भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) पर एक सनसनी आरोप लगाया है. मुंबई से सटे विक्रोली में आयोजित एक सभा के दौरान राज ठाकरे ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के पास इस समय कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह जनता की वोट पाने के लिए राम मंदिर के नाम पर हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच मतभेद पैदा करके दंगा कराना चाहती है. इसके लिए लिए बीजेपी की सांठगांठ AIMIM प्रमुख असदुद्दीन (Asaduddin Owaisi) ओवैसी के साथ हुई है.

वहीं आगे राज ठाकरे ने कहा कि इसके लिए ओवैसी के साथ मिलकर देश में दंगों को उकसाने की साजिश की जा रही है. ऐसा उन्हें दिल्ली से एक फोन आया था.क्योंकि मौजूदा सरकार के पास लोगों के बीच अब कुछ कहने को बचा नहीं है. उन्हें लग रहा है कि वे देश की जनता के पास क्या मुद्दा लेकर जाएं. इसलिए देश में हिंदू और मुसलमानों के बीच दंगों को उकसाकर वोट मांगना चाहतें है. अपने भाषण के दौरान राज ठाकरे ने राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'मैंने कहा था कि राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए, लेकिन चुनाव के पहले इसे बनाने को लेकर मैं अड़ा नहीं हूं. अगर चुनाव के बाद इसे बनाया गया तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. अपने इस भाषण के दौरान राज ठाकरे ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी हनुमान को दलित कहने पर निशाना साधा है. यह भी पढ़े: राज ठाकरे ने कार्टून के जरिए साधा भाई उद्धव पर निशाना, कहा- ‘राम मंदिर नहीं, राम राज्य चाहिए’

राज ठाकरे इस भाषण के दौरान दो दिन पहले रविवार को दिए गए अपने उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र में नौकरियों पर पहला हक मराठियों का है और महाराष्ट्र में अगर नौकरी के अवसर हैं तो क्या यह गलत है कि महाराष्ट्र के युवाओं को पहली प्राथमिकता दी जाए? उन्होंने यह भी कहा कि 'मुंबई आने वाले लोगों में अधिकांश लोग यूपी, बिहार, झारखंड और बांग्लादेश से हैं. मैं सिर्फ यह चाहता हूं कि अगर लोग आजीविका की तलाश में महाराष्ट्र आ रहे हैं, तो उन्हें स्थानीय भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए. जो लोग आजीविका के तलाश में मुंबई आ भी रहें है और यहां की संस्कृति का सम्मान नहीं कर रहें है ऐसे लोगों के लिए उनका विरोध है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 04, 2018 01:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).