पटना, 18 अक्टूबर : बिहारशरीफ विधानसभा सीट नालंदा लोकसभा क्षेत्र (Biharsharif Assembly Seat, Nalanda Lok Sabha Constituency) का हिस्सा है. इसमें बिहारशरीफ और रहुई प्रखंड शामिल हैं. जिला मुख्यालय होने के कारण यह क्षेत्र प्रशासन और राजनीति दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. बिहार शरीफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) का गृह नगर है, लेकिन इस सीट पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है. बिहारशरीफ नगर बड़ी पहाड़ी की तलहटी में पंचाने नदी के किनारे स्थित है. इसकी भू-आकृति मुख्यतः समतल है, जिसमें कुछ पहाड़ी क्षेत्र भी शामिल हैं. यह क्षेत्र प्राचीन काल से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध रहा है.
पाल वंश के शासनकाल में यह क्षेत्र एक प्रमुख केंद्र था और यहीं ओदंतपुरी महाविहार स्थित था, जो नालंदा महाविहार के बाद सबसे प्राचीन बौद्ध शिक्षण संस्थान था. इसके चरम काल में लगभग 12,000 छात्र भारत और आसपास के क्षेत्रों से अध्ययन करने आते थे. 12वीं शताब्दी के अंत में इसे तुर्क आक्रमणकारी मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी ने नष्ट कर दिया. बताया जाता है कि बिहारशरीफ नगर का नाम 'विहार' (मठ) से उत्पन्न हुआ और बाद में 13वीं शताब्दी में सूफी संत शेख मखदूम शर्फुद्दीन अहमद यहिया मनेरी के सम्मान में 'शरीफ' जोड़ा गया. यह भी पढ़ें : Maharashtra: शिरडी साईं बाबा संस्थान में 76 लाख का विद्युत घोटाला, 47 अधिकारियों-कर्मचारियों पर एफआईआर
बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल स्थित हैं. इनमें बड़ी दरगाह और खानकाह, बाबा मणिराम अखाड़ा, शीतला मंदिर, मघड़ा, मालिक इब्राहिम बर्यो का मकबरा, मोरा तालाब और तेतरावां प्रमुख हैं. ये स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और इतिहास की समृद्धि को भी दर्शाते हैं. बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र की स्थापना 1951 में हुई थी. अब तक इस सीट पर कुल 18 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. शुरुआती चार चुनावों में कांग्रेस का दबदबा रहा, कुल पांच बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की. इसके अलावा सीपीआई और बीजेपी (जनसंघ सहित) ने 4-4 बार, जदयू ने 3 बार, जबकि जनता पार्टी और राजद ने 1-1 बार जीत हासिल की है.
आज बिहारशरीफ विधानसभा सीट पर मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच है. 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार डॉ. सुनील कुमार ने 81514 वोटों से जीत दर्ज की थी. उन्होंने इस सीट पर राजद के सुनील कुमार को हराया था. इस बार कांग्रेस ने उमैर खान, जन स्वराज पार्टी ने दिनेश कुमार और भारतीय जनता पार्टी ने सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया है. 2005 से इस सीट से सुनील कुमार विधायक रहे हैं.













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