पटना, 28 अक्टूबर : बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के बीच जन सुराज पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) को निर्वाचन आयोग ने नोटिस जारी किया है. एक से अधिक वोटर आईडी रखने के मामले में आयोग ने प्रशांत किशोर से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है. चुनाव आयोग ने एक मीडिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर को जारी नोटिस में लिखा, "आपका नाम बिहार राज्य की निर्वाचक सूची और पश्चिम बंगाल की निर्वाचक सूची में दर्ज है. अतः एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में अपने नाम की प्रविष्टि के संबंध में तीन दिनों के अंदर अपना पक्ष रखना सुनिश्चित करें."
नोटिस में आयोग ने यह भी बताया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-17 के अनुसार एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में किसी व्यक्ति को पंजीकृत नहीं किया जाएगा. उल्लंघन की स्थिति में जन प्रतिनिधिनित्य अधिनियम-1950 की धारा-31 के तहत एक साल का कारावास या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर मंगलवार को उस समय विवादों में घिर गए, जब यह पता चला कि वे बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं. बता दें कि प्रशांत किशोर की पार्टी बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ रही है. यह भी पढ़ें : भारत 2050 तक बनेगा सोलर एनर्जी का ग्लोबल हब, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग को देगा बढ़ावा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, प्रशांत किशोर कोलकाता में 121, कालीघाट रोड पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, जो कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस मुख्यालय का पता है. यह विधानसभा क्षेत्र मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का निर्वाचन क्षेत्र है. यहां उनका एपिक नंबर 'आईयूआई0686683' पाया गया. उनका सीरियल नंबर 621 है और मतदान केंद्र, आर-1, 21बी रानीशंकरी लेन स्थित सेंट हेलेन स्कूल के रूप में दर्ज है. इसके अलावा, प्रशांत किशोर बिहार में सासाराम संसदीय क्षेत्र के करगहर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं. उनका मतदान केंद्र रोहतास जिले के अंतर्गत मध्य विद्यालय, कोनार है. कोनार प्रशांत किशोर का पैतृक गांव है.













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