डेटिंग ऐप का इस्तेमाल करते वक्त रहे सावधान, बेंगलुरु के टेक्नीशियन को लगा 2 लाख का चूना
शुरुआत में उनसे 15 लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन बाद में बातचीत के बाद यह रकम 2 लाख रुपये पर आकर रुकी. टेक्नीशियन ने डर और सामाजिक बदनामी के डर से यह रकम दे दी और खुद को "आजाद" करवाया.
बेंगलुरु के एक आईटी प्रोफेशनल को Bumble ऐप इस्तेमाल करना बहुत भारी पड़ गया. शख्स ने डेटिंग ऐप Bumble पर 'संगीता' नाम की महिला से मैच किया. कई हफ्तों तक दोनों के बीच बातचीत, चैटिंग और वीडियो कॉल होती रही. सब कुछ सामान्य लग रहा था, जब उन्होंने एक दिन शहर के एक कॉफी शॉप में मिलने का फैसला किया. कॉफी के बाद संगीता ने टेक्नीशियन को रिलैक्स करने और ड्रिंक करने के बहाने एक होटल रूम लेने का सुझाव दिया. शुरुआत में सब कुछ सहज लग रहा था, लेकिन थोड़ी देर बाद कहानी ने डरावना मोड़ ले लिया.
डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनी गुजरात की डॉक्टर, तीन महीने में गंवाए 19 करोड़ रुपये.
जैसे ही दोनों कमरे में बैठे बात कर रहे थे, चार अनजान लोग अचानक अंदर घुस आए. उन्होंने खुद को पुलिस या सुरक्षा एजेंसी से जुड़ा बताया और आरोप लगाया कि यह एक ड्रग पार्टी है. आरोप लगाने के बाद उन्होंने संगीता के बैग से सफेद पाउडर के पैकेट निकालकर उसे ड्रग्स बताया.
डेटिंग App Scam से बचें
महिला ने बनाई डरावनी स्थिति
घटना को और डरावना बनाते हुए संगीता रोते हुए एक कमरे में खुद को बंद कर लेती है और कहती है कि वह आत्महत्या कर लेगी क्योंकि वह बदनामी सहन नहीं कर सकती. टेक्नीशियन घबरा जाता है, और चारों व्यक्ति उस पर दबाव बनाते हैं कि अगर वह मामला दबाना चाहता है, तो पैसे देने होंगे.
15 लाख की मांग, 2 लाख में हुई डील
शुरुआत में उनसे 15 लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन बाद में बातचीत के बाद यह रकम 2 लाख रुपये पर आकर रुकी. टेक्नीशियन ने डर और सामाजिक बदनामी के डर से यह रकम दे दी और खुद को "आजाद" करवाया.
पुलिस में शिकायत के बाद खुला रैकेट
घटना के तीन दिन बाद टेक्नीशियन ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई. जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि यह कोई पहली घटना नहीं थी, बल्कि डेटिंग ऐप के ज़रिए चलाया जा रहा सुनियोजित ब्लैकमेलिंग रैकेट था.
छह आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. संगीता (जिसने डेटिंग ऐप पर फंसाया). शरणबसप्पा, राजू माने, श्याम सुंदर, अभिषेक, और बीरबल (जो रेड में शामिल थे). इन सभी पर ब्लैकमेलिंग, धमकी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.
यह मामला बताता है कि डेटिंग ऐप्स पर आंख बंद करके भरोसा करना बेहद खतरनाक हो सकता है. भले ही बातचीत हफ्तों तक चली हो, लेकिन असलियत कुछ और भी हो सकती है. भावनाओं के नाम पर फंसाकर, मानसिक दबाव डालकर और बदनामी का डर दिखाकर वसूली करने वाले ऐसे रैकेट समाज में तेजी से फैल रहे हैं.