Bengaluru Shocker: बेंगलुरु की सबसे बड़ी कैश लूट का खुलासा.. पुलिस कांस्टेबल सहित तीन गिरफ्तार, करोड़ों की रकम बरामद
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Bengaluru Van Heist: बेंगलुरु में दिनदहाड़े हुए करोड़ों रुपये की बड़ी नकदी लूट का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. शहर की कैश मैनेजमेंट सर्विस की वैन से हुई इस डकैती में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया है और करीब 5.76 करोड़ रुपये भी वापस हासिल कर लिए हैं. हैरानी की बात यह है कि इस वारदात में एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी शामिल निकला. गिरफ्तार लोगों में गोविंदपुरा थाने में तैनात कॉन्स्टेबल अन्नप्पा नाइक, सीएमएस कंपनी का पूर्व कर्मचारी जेवियर और उसी फर्म में वाहन संचालन संभालने वाला गोपाल प्रसाद शामिल हैं.

बताया जा रहा है कि लूट को अंदरूनी जानकारी के सहारे अंजाम दिया गया. वैन में करीब 7.11 करोड़ रुपये थे, जिसे आरोपियों ने प्लानिंग के तहत रास्ते में रोककर अपने कब्जे में कर लिया.

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पुलिस ने एटीएम कैश वैन लूट का किया खुलासा

RBI अधिकारियों के भेष में लूटी वैन

पुलिस के अनुसार 19 नवंबर को दोपहर के समय आरोपियों ने खुद को आरबीआई टीम बताकर कैश वैन को जयानगर के पास रोका. इसके बाद कैश बॉक्स को एसयूवी में शिफ्ट किया और डेयरी सर्कल की ओर निकलकर फरार हो गए. खास बात यह रही कि घटना की सूचना पुलिस को करीब दो घंटे देर से मिली, जिससे शुरुआती जांच में समय बर्बाद हुआ.

200 अफसरों की टीम ने किया पीछा

इस केस को सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच और पुलिस की 200 सदस्यों की टीम बनाई गई. टीमें कर्नाटक के अलावा तमिलनाडु, केरल, गोवा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक पहुंचीं. जांच में पता चला कि आरोपियों ने तीन महीने तक लूट की प्लानिंग की और घटना से पहले 15 दिन तक इलाके की रेकी भी की. अभियुक्तों ने सीसीटीवी से बचने के लिए अलग-अलग गाड़ियां और फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया.

कंपनी पर भी कार्रवाई की तैयारी

पुलिस कमिश्नर का कहना है कि कैश ट्रांसपोर्ट के दौरान सीएमएस कंपनी ने जरूरी नियमों का पालन नहीं किया. आरबीआई गाइडलाइन टूटने पर कंपनी का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भी की जाएगी. फिलहाल बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और पकड़े गए तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी.