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Bengaluru Shocker: मां ने फोन चलाने से रोका तो बेटी ने 20वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान

बेंगलुरु में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 10वीं कक्षा की एक छात्रा ने 20वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. शुरुआती जांच में सामने आया है कि लड़की को मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने के लिए मां ने डांट लगाई थी, जिसके बाद उसने यह खौफनाक कदम उठाया.

Bengaluru Shocker: मां ने फोन चलाने से रोका तो बेटी ने 20वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान
Representational Image | PTI

बेंगलुरु में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 10वीं कक्षा की एक छात्रा ने 20वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. शुरुआती जांच में सामने आया है कि लड़की को मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने के लिए मां ने डांट लगाई थी, जिसके बाद उसने यह खौफनाक कदम उठाया. लड़की के पिता एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं, जबकि मां गृहिणी हैं. पुलिस के अनुसार, जिस खिड़की से उसने छलांग लगाई, उसमें लोहे की ग्रिल नहीं लगी थी, जिससे यह हादसा हुआ.

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बेंगलुरु के कडुगोडी इलाके में स्थित एक हाई-राइज़ अपार्टमेंट में रहने वाली यह 15 वर्षीय छात्रा मोबाइल फोन पर समय बिता रही थी, जबकि 15 फरवरी से उसकी परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं. उसकी मां ने उसे पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा, लेकिन वह इतनी आहत हो गई कि उसने 20वीं मंजिल से छलांग लगा दी.

महाराष्ट्र में भी हुआ ऐसा ही दर्दनाक हादसा

इसी तरह की एक और घटना जनवरी में महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में हुई थी, जहां 10वीं कक्षा के एक छात्र और उसके पिता ने फांसी लगाकर जान दे दी. 16 वर्षीय छात्र ने पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन मांगा था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पिता उसे फोन नहीं दिला सके. बेटे को फांसी पर लटका देख पिता भी खुद को संभाल नहीं पाए और उसी पेड़ पर जान दे दी.

मोबाइल और मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंता

आजकल मोबाइल फोन बच्चों की शिक्षा और मनोरंजन का एक अहम हिस्सा बन गया है, लेकिन इसके कारण मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है.

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि बच्चों से सख्ती से बात करने के बजाय उन्हें प्यार और समझदारी से समझाना जरूरी है. अगर कोई बच्चा किसी परेशानी से गुजर रहा है, तो उसे सुनना और सपोर्ट देना बेहद जरूरी है.

डिस्क्लेमर: अगर आप या आपका कोई प्रिय व्यक्ति मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो मदद लेना न भूलें.

आत्महत्या रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर: टेली मानस (स्वास्थ्य मंत्रालय) – 14416 या 1800 891 4416; निमहंस – + 91 80 26995000 /5100 /5200 /5300 /5400; पीक माइंड – 080-456 87786; वंद्रेवाला फाउंडेशन – 9999 666 555; अर्पिता आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन – 080-23655557; आईकॉल – 022-25521111 और 9152987821; सीओओजे मानसिक स्वास्थ्य फाउंडेशन (सीओओजे) – 0832-2252525.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 13, 2025 07:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).