‘Bad Experience’: दिल्ली के ट्रैफिक में 4 घंटे फंसी रहीं दिग्गज AI रिसर्चर सारा हुकर, पीएम मोदी के साथ डिनर में नहीं हो पाईं शामिल
मशहूर एआई शोधकर्ता और एडाप्शन लैब्स की सीईओ सारा हुकर दिल्ली के भारी ट्रैफिक जाम के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित गाला डिनर में शामिल नहीं हो सकीं. 4 घंटे तक सड़क पर फंसे रहने के बाद उन्हें अपनी यात्रा रद्द कर वापस होटल लौटना पड़ा.
नई दिल्ली: दुनिया की जानी-मानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) (AI) शोधकर्ता और एडाप्शन लैब्स (Adaption Labs) की सीईओ सारा हुकर (Sara Hooker) बुधवार रात नई दिल्ली (Delhi) के कुख्यात ट्रैफिक जाम का शिकार हो गईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ एक प्रतिष्ठित गाला डिनर (Gala Dinner) में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित होने के बावजूद, सारा को 4 घंटे तक जाम में फंसे रहने के बाद अपनी यात्रा बीच में ही छोड़नी पड़ी. यह भी पढ़ें: Ricky Syngkon Passes Away: PM नरेंद्र मोदी ने शिलांग के MP रिकी सिंगकोन के निधन पर शोक जताया, कहा ‘मेघालय के लोगों के प्रति उनकी समर्पित सेवा के लिए उन्हें याद किया जाएगा’
जींस से गाला ड्रेस तक का 'दुस्वप्न'
यह घटना 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान हुई. सारा हुकर ने दिन भर भारत मंडपम में समिट के महत्वपूर्ण सत्रों में भाग लिया था. शाम को प्रधानमंत्री के रिसेप्शन के लिए वह औपचारिक पोशाक पहनने के लिए अपने होटल वापस गई थीं. उन्होंने जींस बदलकर गाला ड्रेस पहनी, लेकिन जब वह वापस कार्यक्रम स्थल के लिए निकलीं, तो रास्ता पूरी तरह बंद मिला.
सारा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना दर्द साझा करते हुए लिखा:
'मुझे प्रधानमंत्री के साथ गाला डिनर का निमंत्रण मिला था, लेकिन गाला ड्रेस पहनने के बाद वापस लौटते समय मैं ट्रैफिक में फंस गई.'
मध्य दिल्ली में 240 मिनट (4 घंटे) तक एक ही जगह फंसे रहने के बाद, उन्होंने हार मान ली और होटल लौट गईं. रात 11 बजे उन्होंने होटल में 'रूम सर्विस' से मंगाए गए खाने की फोटो शेयर करते हुए इसे एक 'कठिन लेकिन सुकून भरा अनुभव' बताया.
सारा हुकर 4 घंटे के ट्रैफिक के कारण PM नरेंद्र मोदी के साथ डिनर मिस कर गईं
सुरक्षा प्रतिबंधों ने थामी रफ्तार
समिट के कारण भारत मंडपम के आसपास सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त थी. वीआईपी मूवमेंट के लिए कई सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया था. इसके साथ ही नजदीकी मेट्रो स्टेशन बंद होने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में कैब के प्रवेश पर रोक लगने से कई अन्य डेलिगेट्स को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. सोशल मीडिया पर कई अन्य मेहमानों ने भी शिकायत की कि उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुँचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा.
सारा हुकर: एआई जगत का बड़ा नाम
सारा हुकर ग्लोबल एआई समुदाय में एक प्रमुख हस्ती हैं. वह गूगल ब्रेन (Google Brain) में वर्ल्ड-क्लास टीम बना चुकी हैं और 'कोहियर' (Cohere) की पूर्व प्रमुख रह चुकी हैं. वह 'एडेप्टिव लर्निंग' की प्रबल समर्थक हैं और भाषाई विविधता के लिए काम करने वाले 'अया प्रोजेक्ट' (Aya project) से भी जुड़ी रही हैं.
समिट के दौरान सारा ने अपने मुख्य भाषण (Keynote) में तर्क दिया था कि एआई का भविष्य केवल मॉडल्स के आकार को बढ़ाने में नहीं, बल्कि दक्षता (Efficiency) और मानवीय अनुकूलन (Human-like adaptation) में निहित है. हालांकि, उनकी 'रूम सर्विस' वाली पोस्ट ने भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं और शहरी बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की चुनौतियों के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है.