Ayodhya Rape Case: अयोध्या दुष्कर्म मामले में भाजपा कर रही राजनीति- सपा
अयोध्या दुष्कर्म मामले में सपा नेता मोईद खान की गिरफ्तारी को लेकर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मामले पर राजनीति कर रही है.
लखनऊ, 4 अगस्त : अयोध्या दुष्कर्म मामले में सपा नेता मोईद खान की गिरफ्तारी को लेकर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मामले पर राजनीति कर रही है. आईएएनएस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए, बल्कि पीड़िता के उचित इलाज व उसे न्याय दिलाने के लिए कार्य करना चाहिए. सपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा को इस बात पर विचार करना चाहिए कि किस तरह से चार्जशीट दाखिल की जाए और किस तरह से जांच को मजबूत किया जाए, ताकि पीड़िता को न्याय और आरोपी को सजा मिल सके.
सपा की ओर से इस मामले में डीएनए टेस्ट की मांग पर फखरुल हसन चांद ने कहा कि अगर सबूतों को मजबूत बनाने के लिए डीएनए टेस्ट की मांग की गई है, तो वे इस पर आपत्ति क्यों कर रहे हैं? इससे पता चलता है कि सत्ताधारी पार्टी आरोपी को बचाना चाहती है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पीड़िता को न्याय दिलाना चाहती है. अखिलेश यादव ने उस बेटी के समुचित इलाज के लिए चिंता जताई है. भारतीय जनता पार्टी इस मामले में सिर्फ राजनीति कर रही है. समाजवादी पार्टी ऐसे मुद्दों पर राजनीति नहीं करती. यह भी पढ़ें : Mumbai: छोटा शकील से संबंध रखने वाले’ मुंबई के बिल्डरों पर केस दर्ज
बसपा प्रमुख मायावती के बयान, कि सपा शासन में कितने ऐसे आरोपियों का डीएनए टेस्ट किया गया है, पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि भाजपा सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं. समाजवादी पार्टी हमेशा महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों पर मुखर रही है. मायावती पहले कभी ऐसे मुद्दों पर नहीं बोलीं, खैर अब जब वह बोल रही हैं, तो क्या किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जो कुछ भी कर रही है, वह सिर्फ पीड़िता के उचित इलाज व उसे न्याय दिलाने के लिए कर रही है, जबकि बसपा व भाजपा के लोग इस मुद्दे पर केवल राजनीति कर रहे हैं. मायावती आज तक किसी घटना में पीड़ित से मिलने नहीं गई हैं. वह जो भी बयान दे रही हैं, सिर्फ राजनीतिक मकसद से दे रही हैं.
वक्फ बोर्ड बिल में संशोधन को लेकर प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपनी सारी राजनीतिक खुन्नस पीडीए पर निकाल रही है. उनकी सरकार बैसाखी पर खड़ी है. पूर्ण बहुमत की सरकार न होने के बावजूद, अगर वे वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पेश कर रहे हैं, तो यह गलत है. इस मुद्दे पर टीडीपी और जेडीयू दोनों को हस्तक्षेप करना चाहिए. मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की जमीन सिर्फ अदाणी व अंबानी को सौंपना चाहती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 04, 2024 04:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

