Assam Natural Gas Leak: असम में गैस रिसाव से तेल कुएं में लगी भीषण आग, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की बात

रिसाव शुरू होने के बाद 3,500 लोगों के 700 परिवारों को तीन राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जा चुका है. ओआईएल ने प्रभावित परिवारों में से प्रत्येक को 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है.

आग I प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

गुवाहाटी: असम (Assam) के तिनसुकिया (Tinsukia) जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के कुएं में प्राकृतिक गैस के रिसाव से मंगलवार को भीषण आग लग गई. अधिकारियों ने बताया कि सिंगापुर की आपातकालीन प्रबंधन फर्म की एक विशेषज्ञ टीम रिसाव पर काबू पाने की कोशिश कर रही है. तिनसुकिया में अधिकारियों ने कहा कि मंगलवार दोपहर आग की बड़ी लपटें शुरू हुई थी, जो कि आस-पास के इलाकों में फैल सकती है.

अधिकारियों ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की, ताकि भारतीय वायु सेना की मदद से धधकती आग को रोका जा सके. सोनोवाल ने गैस रिसाव शुरू होने के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी बात की थी. गैस रिसाव 27 मई को शुरू होने के बाद क्षेत्र में तैनात किए गए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) भी आग पर काबू पाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है. वहीं असम के शीर्ष अधिकारी भी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. Assam Natural Gas Leak: प्राकृतिक गैस के कुएं में धमाका, 27 मई से हो रहा तेल का रिसाव, मछलियों और डॉल्फिन के मरने की आशंका

गुवाहाटी से लगभग 550 किलोमीटर पूर्व में तिनसुकिया के बागजान में तेल कुआं है, जहां पिछले 14 दिनों से गैस का रिसाव हो रहा है, जिससे क्षेत्र के वन्यजीव, आद्र्रभूमि और जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचा है. खड़ी फसलों के साथ-साथ तालाबों, आद्र्र भूमि और आसपास के गांवों की खेती की जमीन भी बुरी तरह प्रभावित हुई है और हर गुजरते दिन के साथ खतरा बढ़ता जा रहा है. क्षेत्र के कई छोटे चाय उत्पादकों ने भी उनके चाय बागानों तक गैस पहुंचने का दावा किया है.

रिसाव शुरू होने के बाद 3,500 लोगों के 700 परिवारों को तीन राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जा चुका है. ओआईएल ने प्रभावित परिवारों में से प्रत्येक को 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है. ओआईएल की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रारंभिक चर्चा और डी-ब्रीफिंग सत्र के बाद माइकल अर्नेस्ट ऑलकोर्न के नेतृत्व में सिंगापुर के 'अलर्ट डिजास्टर कंट्रोल' के विशेषज्ञ ओआईएल टीम के साथ सोमवार दोपहर को बागजान कुएं स्थल पर पहुंच गए हैं.

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