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Earthquake in Assam: असम के बराक घाटी में भूकंप के तेज झटके, सिलचर और आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए; तीव्रता 4.8 रही

असम की बराक घाटी में मंगलवार को 4.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र हैलाकांडी जिले में था. सिलचर और आसपास के इलाकों में झटके महसूस किए गए, हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है.

Earthquake in Assam: असम के बराक घाटी में भूकंप के तेज झटके, सिलचर और आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए; तीव्रता 4.8 रही
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Earthquake in Assam: असम के दक्षिणी हिस्से में स्थित बराक घाटी में आज, 7 अप्रैल को भूकंप के मध्यम झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.8 मापी गई है. प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप का केंद्र हैलाकांडी जिले में जमीन के भीतर था. झटके महसूस होते ही सुरक्षा के लिहाज से लोग अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए.

बराक घाटी के तीन जिलों में असर

भूकंप के झटके दोपहर के समय महसूस किए गए, जिसका असर बराक घाटी के तीनों प्रमुख जिलों—कछार, करीमगंज और हैलाकांडी में देखा गया. क्षेत्रीय मुख्य केंद्र सिलचर और पड़ोसी इलाकों में भी लोगों ने कुछ सेकंड तक कंपन महसूस किया. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, भूकंप के कारण कुछ समय के लिए निवासियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया था.  यह भी पढ़े:  Earthquake in Turkey: तुर्की के टोकाट प्रांत में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 5.5 रही तीव्रता, लोगों में दहशत

जान-माल के नुकसान की खबर नहीं

राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी अप्रिय घटना, चोट या बड़े संरचनात्मक नुकसान की कोई आधिकारिक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है. जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं का निरीक्षण करने के लिए मानक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है.

आपातकालीन प्रतिक्रिया और सतर्कता

प्रशासन ने नागरिकों से शांत रहने और 'आफ्टरशॉक्स' (भूकंप के बाद के झटके) की स्थिति में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया है. आपदा प्रतिक्रिया टीमों को अलर्ट पर रखा गया है. अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं से बचें और केवल आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें.

क्षेत्र की भूकंपीय

असम का बराक घाटी क्षेत्र भौगोलिक रूप से अत्यधिक भूकंपीय सक्रिय क्षेत्र (Seismically Active Zone) में आता है. टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण पूर्वोत्तर भारत में मध्यम तीव्रता के भूकंप आना आम बात है. कछार, करीमगंज और हैलाकांडी जिलों वाला यह क्षेत्र पहले भी कई बार ऐसे झटकों का गवाह रहा है.

फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों से विस्तृत जानकारी जुटा रही हैं. जैसे-जैसे असेसमेंट (आकलन) पूरा होगा, स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 07, 2026 03:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).