Raghav Chadha New Party Buzz: इंस्टाग्राम पोस्ट से नई युवा पार्टी की अटकलें तेज, AAP के साथ विवाद के बीच बढ़ी चर्चाएं
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं. हाल ही में उन्हें राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया गया था. इसके बाद पार्टी के कुछ नेताओं ने उन पर पंजाब से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से न उठाने और भाजपा के खिलाफ पर्याप्त आक्रामक न होने के आरोप लगाए थे.
Raghav Chadha New Party Buzz: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की एक इंस्टाग्राम पोस्ट ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है. एक वीडियो शेयर करने के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या वह युवाओं पर आधारित नई राजनीतिक पार्टी बनाने पर विचार कर रहे हैं. दरअसल, राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक 22 सेकंड का वीडियो रीपोस्ट किया, जिसमें एक युवक उन्हें सलाह देता नजर आ रहा है कि वह किसी अन्य पार्टी में शामिल होने के बजाय अपनी खुद की ‘Gen Z’ आधारित पार्टी बनाएं. इस वीडियो पर चड्ढा ने “Interesting thought” लिखकर प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. यह भी पढ़ें: Raghav Chadha’s Video: राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने पर चड्ढा का AAP पर निशाना, वीडियो जारी कर कहा- 'मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना'
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं. हाल ही में उन्हें राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया गया था. इसके बाद पार्टी के कुछ नेताओं ने उन पर पंजाब से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से न उठाने और भाजपा के खिलाफ पर्याप्त आक्रामक न होने के आरोप लगाए थे.
वहीं, राघव चड्ढा ने इन आरोपों पर सीधे जवाब देने के बजाय सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी और संकेत दिया कि उनकी छवि को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. पार्टी नेतृत्व ने इस पूरे मामले को आंतरिक अनुशासन से जुड़ा कदम बताया है.
इस विवाद के बीच यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि राघव चड्ढा भविष्य में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स में उनके भाजपा में शामिल होने या नई पार्टी बनाने तक की चर्चाएं सामने आई हैं, हालांकि अब तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई पार्टी बनाना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए मजबूत संगठन, फंडिंग और जमीनी नेटवर्क की जरूरत होती है. फिलहाल राघव चड्ढा का आधार शहरी क्षेत्रों और AAP के नेटवर्क तक ही सीमित माना जाता है. ऐसे में अगर वह अलग राह चुनते हैं तो उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
पंजाब में 2027 के चुनावों से पहले यह सियासी खींचतान AAP के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है. फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राघव चड्ढा आगे क्या कदम उठाते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 08, 2026 10:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

