APJ Abdul Kalam Death Anniversary 2019: जानिए 'मिसाइल मैन' डॉ अब्दुल कलाम के 10 अनमोल विचार
आज से चार साल पहले इस दुनिया को अलविदा कह चुके देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का आज यानि 27 जुलाई को चौथी बरसी है. देश में डॉ. कलाम को 'मिसाइल मैन' के भी नाम से जाना जाता है. कलाम ने अपने जीवन के आखिरी शब्दों में जाते-जाते एक आदर्श नागरिक के लिए सवाल छोड़ गए. जो अग्रसर है-
आज से चार साल पहले इस दुनिया को अलविदा कह चुके देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (A. P. J. Abdul Kalam) का आज यानि 27 जुलाई को चौथी बरसी है. देश में डॉ. कलाम को 'मिसाइल मैन' के भी नाम से जाना जाता है. चार साल पहले कलाम के जाने से इस दुनिया ने वह नायाब हीरा गवांया है जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती. डॉ. कलाम की सफलता उनकी गहन सोच का परिणाम थी. उन्होंने अपने जीवन में कई उपलब्धियों को हासिल किया और देश-विदेश में भारत का सिर गर्व से ऊंचा किया.
बता दें कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का निधन का 27 जुलाई 2015 को शिलॉन्ग (Shillong) में हुआ था. डॉ. कलाम ने हमेशा ही युवाओं और बच्चों का मार्गदर्शन किया. कलाम ने अपने जीवन के आखिरी शब्दों में जाते-जाते एक आदर्श नागरिक के लिए सवाल छोड़ गए. जो अग्रसर है-
1- सपने सच हों इसके लिए सपने देखना जरूरी है.
2- मैं अलग सोचने वाले युवा लोगों को संदेश देना चाहता हूं कि जिनमें कुछ खोजने का, घूमने का, नामुमकिन को संभव करने का और समस्याओं को जीतने का दम है वे इस मार्ग पर चलना जारी रखें.
3- युवाओं के लिए कलाम का विशेष संदेशः अलग ढंग से सोचने का साहस करो, आविष्कार का साहस करो, अज्ञात पथ पर चलने का साहस करो, असंभव को खोजने का साहस करो और समस्याओं को जीतो और सफल बनो. ये वो महान गुण हैं जिनकी दिशा में तुम अवश्य काम करो.
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4- रचनात्मकता भविष्य में सफलता की कुंजी है और प्राथमिक शिक्षा के दौरान ही शिक्षक बच्चों की रचनात्मकता को उभार सकते हैं.
5- मनुष्य को मुश्किलों का सामना करना जरूरी है क्योंकि सफलता के लिए यह जरूरी है.
6- जब तक भारत दुनिया का सामना नहीं करता, उसकी कोई इज्जत नहीं करेगा. इस संसार में डर के लिए कोई जगह नहीं है. ताकत सिर्फ ताकत का ही सम्मान करती है.
7- जब हम बाधाओं का सामना करते हैं तो हम पाते हैं कि हमारे भीतर साहस और लचीलापन मौजूद है जिसकी हमें स्वयं जानकारी नहीं थी. और यह तभी सामने आता है जब हम असफल होते हैं. जरूरत हैं कि हम इन्हें तलाशें और जीवन में सफल बनें.
8- भगवान उसी की मदद करता है जो कड़ी मेहनत करते हैं. यह सिद्धान्त स्पष्ट होना चाहिए.
9- एक नेता वह होता है जिसकी एक सोच हो, जिसमें कुछ कर गुजरने का जज्बा हो. जो मुश्किलों में डरे नहीं. बल्कि उसे यह पता हो कि समस्याओं का सामना कैसे किया जाए. सबसे महत्वपूर्ण, जो अपनी बात पर कायम रहे.
10- अगर एक देश को भ्रष्टाचार मुक्त होना है तो मैं यह महसूस करता हूं कि हमारे समाज में तीन ऐसे लोग हैं जो ऐसा कर सकते हैं. ये हैं पिता, माता और शिक्षक.
बता दें कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को धनुषकोडी गांव (रामेश्वरम, तमिलनाडु) में एक मध्यमवर्ग मुस्लिम परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन था. जो बहुत ही कम पढ़े लिखे और और मध्यमवर्ग से संबंध रखते थे. इनका पिता का व्यवसाय मछुआरों को किराए पर नाव देना था.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 27, 2019 12:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

