नई दिल्ली, 2 सितंबर : भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय (Amit Malviya) ने कांग्रेस पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं. अमित मालवीय ने दावा किया कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा (Pawan Kheda) के नाम पर दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय वोटर आईडी कार्ड मौजूद हैं. अमित मालवीय ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने जोर-जोर से 'वोट चोरी' चिल्लाया. लेकिन जैसे वो ये बताना भूल गए कि उनकी मां सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिक बनने से पहले ही भारत की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया था, वैसे ही अब ये बात सामने आई है कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा, जो गांधी परिवार से अपनी नजदीकी दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते, के पास दो सक्रिय एपिक नंबर हैं (जंगपुरा और नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में, जो क्रमशः पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली लोकसभा सीटों के अंतर्गत आते हैं)."
मालवीय के एक्स पोस्ट के अनुसार, पहले वोटर आईडी के विवरण इस प्रकार हैं: नाम - पवन खेड़ा, पिता का नाम - एचएल खेड़ा, एपिक नंबर - एक्सएचसी1992338, विधानसभा - 41 जंगपुरा, पार्ट नंबर - 28, पार्ट नाम - निजामुद्दीन ईस्ट, सीरियल नंबर - 929. वहीं, दूसरे वोटर आईडी के विवरण हैं: नाम - पवन खेड़ा, पिता का नाम - एचएल खेड़ा, एपिक नंबर - एसजेई0755967, विधानसभा - 40 नई दिल्ली, पार्ट नंबर - 78, पार्ट नाम - काका नगर, सीरियल नंबर - 820 है. उन्होंने कहा कि अब चुनाव आयोग को यह जांच करनी है कि पवन खेड़ा के पास दो सक्रिय एपिक नंबर कैसे हैं और क्या उन्होंने कई बार मतदान किया, जो चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है. यह भी पढ़ें : Mumbai Maratha Protest: बॉम्बे HC की फटकार के बाद एक्शन में मुंबई पुलिस, मनोज जरांगे पाटिल को नोटिस; आज़ाद मैदान खाली करने का आदेश
मालवीय ने कहा कि पवन खेड़ा न केवल दो वोटर आईडी रखने के अपराध में शामिल हैं, बल्कि बिहार में भ्रामक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वोटरों को गुमराह कर रहे हैं, भ्रम फैला रहे हैं और भारत की मजबूत चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. स्पष्ट रूप से कहें तो राहुल गांधी ने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा में अपने झूठे आरोपों की जांच के लिए अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं की है. इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में गलत काम के आरोपों को पहले ही खारिज कर दिया है.
मालवीय ने आगे कहा कि सच यह है कि कांग्रेस ही असली "वोट चोर" है. वे सभी को अपने जैसा बदनाम करना चाहते हैं. लंबे समय तक उन्होंने अवैध घुसपैठियों और गैर-भारतीयों को वैधता देकर हमारी चुनावी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया और जनादेश चुराया. अब उन्हें डर है कि चुनाव आयोग की विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया उनकी सच्चाई उजागर कर देगी. यह समय है कि भारत समझे कि राहुल गांधी हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं.













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