Amazon Layoffs: भारत समेत दुनिया भर में अमेज़न की बड़ी छंटनी, 16,000 कर्मचारियों पर गिरी गाज

ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न ने वैश्विक स्तर पर 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की पुष्टि की है. भारत में बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े टेक हब सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहाँ सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है.

अमेज़न लोगो, भारत का झंडा (Photo Credits: Wikimedia Commons)

नई दिल्ली/बेंगलुरु: टेक जगत में नौकरियों का संकट गहराता जा रहा है. दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेज़न (Amazon) ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की घोषणा की है, जिससे दुनिया भर में लगभग 16,000 कर्मचारियों की छुट्टी हो गई है. भारत के प्रमुख तकनीकी शहरों—बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद—में स्थित अमेज़न के कार्यालयों में इस सप्ताह सैकड़ों कर्मचारियों को 'Redundancy' (अनावश्यकता) के नोटिस भेजे गए हैं.

यह पिछले तीन महीनों में अमेज़न द्वारा की गई दूसरी बड़ी छंटनी है. इससे पहले कंपनी ने साल 2025 के अंत में 14,000 कर्मचारियों को निकाला था. यह भी पढ़ें: Amazon Layoffs 2026: अगले हफ्ते हजारों कर्मचारियों की छुट्टी करेगा अमेजन; AWS और प्राइम वीडियो समेत कई विभागों पर गिरेगी गाज

भारत के इन शहरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर

भारत में अमेज़न की छंटनी का प्रभाव मुख्य रूप से बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद की टीमों पर पड़ा है. कंपनी ने आधिकारिक ईमेल के जरिए प्रभावित कर्मचारियों को सूचित करना शुरू कर दिया है.

क्यों हो रही है छंटनी?

अमेज़न की मुख्य जनशक्ति अधिकारी (Chief People Officer) बेथ गैलेटी के अनुसार, कंपनी अपनी आंतरिक संरचना को सरल बनाना चाहती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी ब्यूरोक्रेसी (नौकरशाही) को कम करने और निर्णय लेने की गति को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

कर्मचारियों के लिए सहायता पैकेज

छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों के लिए अमेज़न ने वित्तीय सहायता और अन्य लाभों की घोषणा की है:

2026 में टेक इंडस्ट्री का हाल

अमेज़न अकेला ऐसा टेक दिग्गज नहीं है जो अपनी वर्कफोर्स कम कर रहा है. जनवरी 2026 में Meta, Microsoft और TCS जैसी कंपनियों ने भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है। यह पूरी इंडस्ट्री में एक बड़े बदलाव का संकेत है, जहां कंपनियां पारंपरिक भूमिकाओं के बजाय एआई-आधारित मॉडल की ओर बढ़ रही हैं.

अमेज़न ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में फिलहाल किसी और बड़ी छंटनी की योजना नहीं है, लेकिन वे रणनीतिक क्षेत्रों में ‘चयनित भर्ती’ जारी रखेंगे.

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