भारत में हवा की गुणवत्ता को लेकर एक ताजा रिपोर्ट ने बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश की है. एक नए अध्ययन के मुताबिक, देश के 749 जिलों में से करीब 60% जिले PM2.5 की सुरक्षित सीमा से कई गुना ज्यादा प्रदूषण झेल रहे हैं. यह सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश की हवा अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है. 'Beyond City Limits' नाम की इस रिपोर्ट को Centre for Research on Energy and Clean Air (CREA) ने प्रकाशित किया है. स्टडी बताती है कि भारत में 40 µg/m³ की NAAQS सीमा को आधे से ज्यादा जिले लगातार तोड़ रहे हैं.
सबसे हैरानी की बात यह है कि दिल्ली, त्रिपुरा, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मेघालय और चंडीगढ़ में मानसून को छोड़कर हर मौसम में प्रदूषण का स्तर सीमा से ऊपर पाया गया.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने PM2.5 की सुरक्षित सीमा 5 µg/m³ तय की है, लेकिन भारत के सभी 33 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस मानक से ज्यादा प्रदूषण झेल रहे हैं.
दिल्ली, बिहार और असम सबसे प्रदूषित
रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली, असम, हरियाणा और बिहार में देश के सबसे प्रदूषित शहरों की संख्या सबसे अधिक है. पूरी दिल्ली का PM2.5 स्तर औसतन 101 µg/m³ दर्ज किया गया. जो सुरक्षित सीमा से कई गुना ज्यादा है.
इंडो-गंगेटिक क्षेत्र यानी उत्तर भारत की मैदानी पट्टी अभी भी देश का सबसे प्रदूषित इलाका है. लेकिन अब पूर्वोत्तर के राज्य, जैसे त्रिपुरा और असम, भी तेजी से प्रदूषण की चपेट में आ रहे हैं.













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