दिल्ली की जहरीली हवा पर AIIMS डॉक्टर की चेतावनी, खुद को रखना है सुरक्षित, तो इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान
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दिल्ली की हवा में सांस लेना आपको बीमार बना देगा. राजधानी में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि AIIMS के विशेषज्ञ इसे “पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी” कह रहे हैं. दिल्ली के कई इलाकों में स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है. दिल्ली की सुबह की ठंडी हवा ताजगी नहीं, बल्कि जलन और भारीपन लेकर आती है. जिन सड़कों पर दिन भर भाग-दौड़ रहती है, वहां धुंध और धुएं का ऐसा मिश्रण है कि कुछ ही मिनट बाहर रहने पर आंखों में चुभन और सांसों में भारीपन महसूस होने लगता है. दिल्ली की यह जहरीली हवा लोगों के शरीर में घुसकर सांसों को धीरे-धीरे प्रभावित कर रही है.

"बच्चों को गैस चेंबर में भेजने जैसा", दिल्ली की जहरीली हवा पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी.

AIIMS, नई दिल्ली में पल्मोनरी मेडिसिन और स्लीप डिसऑर्डर्स विभाग के प्रमुख डॉ. अनंत मोहन ने एक सेमिनार में कहा कि दिल्ली की हवा अब केवल ‘खराब’ नहीं, बल्कि खतरे की घंटी है, जो लोगों की सेहत को सीधे प्रभावित कर रही है.

‘मास्क और एयर प्यूरीफायर समाधान नहीं’: डॉक्टर का बड़ा बयान

डॉ. मोहन ने साफ कहा कि सिर्फ मास्क पहनने या एयर प्यूरीफायर लगाने से काम नहीं चलेगा. उनके शब्दों में, “दिल्ली एक पब्लिक-हेल्थ इमरजेंसी के बीच खड़ी है. अस्थायी उपाय हमें नहीं बचा पाएंगे. शहर को लंबे समय के ठोस समाधान चाहिए.”

उन्होंने चेताया कि N95 मास्क पहनना और तेज़ प्रदूषण के बीच बाहर निकलने से बचना भले ही कुछ सुरक्षा देता है, लेकिन यह पूरी सुरक्षा नहीं है. हवा में मौजूद बेहद महीन कण शरीर में जाकर फेफड़ों, दिल और दिमाग पर गंभीर असर डालते हैं.

लंबे समय तक प्रदूषण का एक्सपोजर फेफड़ों का सबसे बड़ा दुश्मन

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेना फेफड़ों की बीमारियों और यहां तक कि लंग कैंसर का खतरा बढ़ा देता है. “भारत में हर साल लगभग 63,000 लोग लंग कैंसर से पीड़ित होते हैं. हवा के ज़हरीले कण सीधे हमारे शरीर में घुसकर नुकसान पहुंचाते हैं.”

खुद को बचाने के 5 जरूरी उपाय (डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए)

दिल्ली में सांस लेना मुश्किल हो गया है, लेकिन कुछ सरल कदम आपकी सेहत को काफी हद तक बचा सकते हैं:

1. N95 मास्क पहनें

सिर्फ N95 या उसके बराबर गुणवत्ता वाला मास्क ही हवा में मौजूद PM2.5 कणों को रोक सकता है. साधारण सर्जिकल मास्क इससे बचाव नहीं करता.

2. कमरे में पॉटेड प्लांट लगाएं

एरेका पाम, रबर प्लांट और पीस लिली जैसे पौधे घर के अंदर की हवा को काफी हद तक साफ करते हैं.

3. इनडोर स्मोकिंग बिल्कुल न करें

घरों के अंदर धूम्रपान हवा को जहर में बदल देता है. प्रदूषण में यह और घातक साबित होता है.

4. हल्की खांसी या गले में जलन हो तो यह घरेलू उपाय अपनाएं

आधी चम्मच हल्दी को पानी में उबालें, फिर एक चम्मच शहद डालकर सुबह पिएं.

यह गले को आराम देता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.

5. मेडिटेरेनियन डाइट अपनाएं

फल, सब्जियां, नट्स, बीन्स और हेल्दी फैट्स से भरपूर यह डाइट दिल और फेफड़ों को मजबूत बनाती है. एक 2019 की स्टडी में पाया गया कि यह डाइट हवा के प्रदूषण से होने वाले हृदय रोगों का खतरा कम कर सकती है.

डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण पर काबू सिर्फ मास्क पहनकर या घर में बंद होकर नहीं पाया जा सकता. यह नीति-स्तर पर बड़े बदलाव, सख्त प्रदूषण नियंत्रण, और लंबे समय के उपायों से ही संभव है.