Maharashtra Panchayat Samiti, ZP Election Result 2026: महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में महायुति की बढ़त, बारामती से पल्लवी खेत्रे को मिली जीत
महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव 2026 के नतीजों में महायुति गठबंधन बढ़त बनाए हुए है. बारामती में राकांपा की पल्लवी खेत्रे की जीत और अजित पवार के निधन के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों पर खास रिपोर्ट
मुंबई, 9 फरवरी. महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों की सत्ता का फैसला करने वाले जिला परिषद (ZP) और पंचायत समिति चुनावों की मतगणना 9 फरवरी 2026 को जारी है. सुबह 10:00 बजे शुरू हुई गिनती के शुरुआती रुझानों में राज्य की सत्ताधारी 'महायुति' (भाजपा, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना और राकांपा) ने बड़ी बढ़त हासिल की है. दोपहर तक के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा 145 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि शिवसेना (शिंदे) 85 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) 80 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. ये चुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के निधन के बाद ग्रामीण जनता की भावनाओं को परखने का सबसे बड़ा पैमाना माने जा रहे हैं.
12 जिलों में भारी मतदान: परभणी रहा सबसे आगे
7 फरवरी को हुए इन चुनावों में राज्य भर में 68.28 प्रतिशत का मजबूत मतदान दर्ज किया गया. राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया: यह भी पढ़े: ZP Election In Maharashtra 2026: शरद पवार के गढ़ में खिल रहा कमल, संभाजीनगर में BJP 6 सीटों पर बढ़त
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परभणी: 74.89 प्रतिशत (राज्य में सर्वाधिक)
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कोल्हापुर: 74.45 प्रतिशत
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छत्रपति संभाजीनगर: 72.69 प्रतिशत
वहीं, रत्नागिरी जिले में सबसे कम 55.79 प्रतिशत मतदान हुआ. इस लोकतांत्रिक उत्सव को संपन्न कराने के लिए आयोग ने 25,471 मतदान केंद्र बनाए थे.
प्रमुख जीत और शुरुआती रुझान
चुनावी नतीजों में कुछ प्रमुख सीटों पर हाई-प्रोफाइल जीत दर्ज की गई है:
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बारामती: अजित पवार के निधन के बाद इस गढ़ में सबकी नजरें टिकी थीं. यहां राकांपा की पल्लवी खेत्रे ने निर्णायक जीत हासिल की है, जिसे पार्टी के लिए एक भावनात्मक विजय के रूप में देखा जा रहा है.
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पुणे: राकांपा 13 सीटों पर आगे चल रही है, जिससे पश्चिमी महाराष्ट्र में उसकी पकड़ बनी हुई नजर आ रही है.
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रायगढ़: यहां एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना महाड और कर्जत में आगे है, जबकि भाजपा ने पनवेल और पेन में बढ़त बनाई है.
राकांपा के लिए 'विरासत की परीक्षा'
अजित पवार के विमान हादसे में निधन के कारण यह चुनाव राकांपा के लिए राजनीतिक विरासत की परीक्षा बन गया है. चुनाव मूल रूप से 5 फरवरी को होने थे, लेकिन राजकीय शोक के कारण इन्हें स्थगित कर दिया गया था. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजित पवार के बिना यह चुनाव राकांपा के दोनों गुटों (अजित पवार और शरद पवार गुट) के लिए भविष्य की दिशा तय करेगा. काटेवाड़ी में मतदान के दौरान सुनेत्रा पवार और रोहित पवार ने समर्थकों से दिवंगत नेता के कार्यों को वोट के जरिए सम्मान देने की अपील की थी.
शहरी सफलता के बाद अब ग्रामीण गढ़ पर नजर
जनवरी 2026 में हुए नगर निगम चुनावों में महायुति ने 29 में से 25 निकायों पर कब्जा कर अपनी ताकत दिखाई थी. यदि वर्तमान रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो यह स्पष्ट होगा कि महायुति का शहरी दबदबा अब कृषि प्रधान ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैल चुका है. कुल 731 जिला परिषद और 1,462 पंचायत समिति सीटों के आधिकारिक परिणाम आज देर शाम तक घोषित होने की संभावना है.