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बिहार के बाद अब 12 राज्यों में वोटर लिस्ट होगी अपडेट, गुजरात, यूपी, तमिलनाडु में शुरू होगी स्पेशल वोटर रिविजन प्रक्रिया

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार (Gyanesh Kumar) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “बिहार में पहला चरण बहुत सफल रहा, वहां शून्य अपील दर्ज हुईं. अब दूसरा चरण देश के 12 और हिस्सों में शुरू किया जा रहा है.”

बिहार के बाद अब 12 राज्यों में वोटर लिस्ट होगी अपडेट, गुजरात, यूपी, तमिलनाडु में शुरू होगी स्पेशल वोटर रिविजन प्रक्रिया
Representational Image | PTI

नई दिल्ली: देश में वोटर लिस्ट को साफ और सटीक बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि बिहार में सफलतापूर्वक संपन्न हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद अब यह प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू की जाएगी. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार (Gyanesh Kumar) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “बिहार में पहला चरण बहुत सफल रहा, वहां शून्य अपील दर्ज हुईं. अब दूसरा चरण देश के 12 और हिस्सों में शुरू किया जा रहा है.”

कौन-कौन से राज्य शामिल हैं इस प्रक्रिया में?

निर्वाचन आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में जिन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण होगा, वे हैं गुजरात, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह और लक्षद्वीप.

आधी रात से फ्रीज होगी वोटर लिस्ट

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मंगलवार रात 12 बजे से वोटर लिस्ट फ्रीज कर दी जाएगी. इसके बाद पूर्व-गणना चरण (Pre-enumeration Phase) शुरू होगा.

इस दौरान हर मतदाता के लिए यूनिक फॉर्म छापा जाएगा, जिसमें नाम, बूथ, विधानसभा क्षेत्र और पुरानी फोटो जैसी जानकारी पहले से दर्ज होगी.

निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने फॉर्म में नई रंगीन हालिया फोटो चिपकाएं, ताकि जानकारी अद्यतन की जा सके.

हर घर तीन बार जाएंगे BLO अधिकारी

आयोग ने बताया कि इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) हर घर पर तीन बार जाएंगे ताकि किसी मतदाता का नाम छूट न जाए.

वे हर मतदाता को फॉर्म देंगे, उनकी जानकारी जांचेंगे, और जरूरत पड़ने पर उनके नाम को पिछले SIR (2002-2004) की सूची से मिलाएंगे.

इसके अलावा, आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे. यानी भीड़भाड़ से बचने के लिए बूथों का पुनर्गठन भी किया जाएगा.

नामों का सत्यापन और अंतिम सूची

निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) और सहायक अधिकारी (AERO) हर मतदाता के फॉर्म की जांच करेंगे. जिन लोगों के नाम पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा. इसके बाद तय किया जाएगा कि कौन-से नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़े या हटाए जाएं.

21 साल बाद हो रहा बड़ा बदलाव

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार ने बताया कि देश में आखिरी बार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) करीब 21 साल पहले (2001–2004) के बीच हुआ था. पिछले दो दशकों में माइग्रेशन, डुप्लीकेट वोटर कार्ड, मृत मतदाताओं के नाम और विदेशी नागरिकों की गलत एंट्री जैसी समस्याएं बढ़ी हैं. इसलिए अब आयोग ने तय किया है कि चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में SIR कराया जाएगा.

आयोग की तैयारी और राज्यों की बैठकें

निर्वाचन आयोग ने हाल ही में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ दिल्ली में दो दिवसीय बैठक की थी. इस दौरान आयोग ने राज्यों से कहा कि वे अपने यहां पुराने और मौजूदा मतदाताओं के डेटा की तुलना कर रिपोर्ट तैयार करें. विशेष रूप से असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के CEO के साथ एक-एक करके चर्चा की गई.

बिहार में हुई थी SIR की शुरुआत

इस साल की शुरुआत में बिहार में पहली बार यह विशाल अभियान चलाया गया था. इसका उद्देश्य डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड्स की पहचान करना है. अन्य राज्यों में माइग्रेट कर चुके लोगों के नाम हटाना और अवैध प्रवासियों (Illegal Immigrants) की एंट्री रोकना.

हालांकि, विपक्ष ने इस प्रक्रिया को “वोट चोरी का प्रयास” बताया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. शीर्ष अदालत ने हालांकि ECI के पक्ष में फैसला दिया और कहा कि आयोग को यह अधिकार है कि वह मतदाता सूची का सत्यापन कराए.

अंतिम सूची में बिहार में 7.42 करोड़ मतदाता दर्ज हुए, जो पहले की संख्या से 42 लाख कम थे. कई नाम पुनः जांच के बाद जोड़े गए, जबकि मृत या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटा दिए गए.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 27, 2025 05:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).