VHP Garba Statement: विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने नवरात्र के दौरान ‘गरबा’ कार्यक्रमों में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश दिया जाना चाहिए, ऐसा बयान जारी किया है. इस बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है. केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के बाद महाराष्ट्र सरकार में राज्य मंत्री भरतशेत गोगावले (Bharatshet Gogawale) ने भी इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और हाजी अली तथा अजमेर शरीफ का उदाहरण दिया.
मंत्री भरतशेत गोगावले का बयान
मुंबई में मीडिया से बातचीत में मंत्री गोगावले ने कहा, भगवान सभी जाति-धर्म के हैं. जब हम सार्वजनिक त्योहार मनाते हैं, तो सभी आते हैं. मुझे नहीं लगता कि (मुसलमानों के) वहां जाने में कोई समस्या है. हमारे कई लोग उनके मदरसों और दरगाहों पर भी जाते हैं. हाजी अली और अजमेर में भी हमारे कई हिंदू जाते हैं, इसलिए इसमें कोई बुराई नहीं है. यह भी पढ़े: 2025/09/22 क्या नवरात्रि में डांडिया नाइट के दौरान बढ़ जाती है कंडोम और कॉन्ट्रासेप्टिव की बिक्री? सोशल मीडिया पर फिर शुरू हुई बहस
VHP के बयान का मंत्री गोगावले का विरोध
#WATCH | Mumbai: On VHP's statement to now allow non-Hindus at garba-dandiya during Navratri festivals in Maharashtra, state Minister Bharatshet Gogawale says, "...God belongs to all castes. So when we celebrate public festivals, everyone comes... I don't think there is any… pic.twitter.com/bLNC5YgNU3
— ANI (@ANI) September 23, 2025
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की प्रतिक्रिया
रामदास आठवले ने VHP के इस बयान की कड़ी निंदा की और कहा, “विश्व हिंदू परिषद कौन होती है यह तय करने वाली कि कौन गरबा में जाएगा और कौन नहीं? यह सलाह सिर्फ आयोजकों को निर्देश देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ कट्टरपंथी तत्वों को हिंसा भड़काने और बल प्रयोग करने का खुला निमंत्रण है.”
VHP का बयान
VHP ने यह बयान शनिवार को जारी किया था जिसमें कहा गया था कि ‘गरबा’ कार्यक्रमों में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश दिया जाना चाहिए। वे आयोजकों को ‘लव जिहाद’ की घटनाओं से बचने के लिए पहचान के लिए आधार कार्ड जांचने की बात भी की है.













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