AAP वालंटियर अंकिता शाह ने कई बीजेपी नेताओं, पत्रकारों को भेजा लीगल नोटिस, जानिए पूरा मामला
आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के मुखिया और दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की पार्टी समर्थक अंकिता शाह (Ankita Shah) के साथ एक तस्वीर वायरल हुई है, जिसमें दावा किया गया है कि तस्वीर में दिख रही महिला वकील निकिता जैकब (Nikita Jacob) है.
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के मुखिया और दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की पार्टी समर्थक अंकिता शाह (Ankita Shah) के साथ एक तस्वीर वायरल हुई है, जिसमें दावा किया गया है कि तस्वीर में दिख रही महिला वकील निकिता जैकब (Nikita Jacob) है. हालांकि यह फोटो आप समर्थक अंकिता शाह की है. जिसके बाद अंकिता शाह ने कई बीजेपी नेताओं, पत्रकारों और वकील को लीगल नोटिस भेजा है. एनएसयूआई ने दिशा रवि की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
मिली जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी वालंटियर अंकिता शाह ने बीजेपी प्रवक्ता नवीन कुमार (Naveen Kumar) और दिल्ली बीजेपी महामंत्री कुलजीत सिंह चहल (Kuljeet Singh Chahal), रिपब्लिक भारत के पत्रकार रवि मिश्रा (Ravi Mishra), सुदर्शन चैनल के पत्रकार दिवाकर मिश्रा (Divakar Mishra), वकील प्रशांत पटेल (Prashant Patel), डायरेक्टर और फिल्म मेकर अशोक पंडित (Ashoke Pandit) को कानूनी नोटिस भेजा है और सात दिन में माफी मांगने के लिए कहा है और ऐसा नहीं करने पर क़ानूनी एक्शन लेने की बात कही है.
आम आदमी पार्टी वालंटियर @Ankita_Shah8 ने @republicbharat के पत्रकार @R_ravimishra, सुदर्शन चैनल के पत्रकार दिवाकर मिश्रा, वकील @ippatel, डायरेक्टर और फिल्म मेकर @ashokepandit ओर BJP नेता @naveenjindalbjp @kuljeetschahal को भेजा कानूनी नोटिस 7 दिन में माफ़ी मांगे। pic.twitter.com/AFB9miJX1R
— Mohd Irshad (@IrshadAdv15) February 17, 2021
उल्लेखनीय है कि टूलकिट विवाद में 21 वर्षीय दिशा रवि (Disha Ravi) की गिरफ्तारी के बाद मुंबई की वकील निकिता जैकब के खिलाफ एक गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था. हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला वकील को राहत देते हुए तीन हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दे दी है.
ये रिश्ता क्या कहलाता हैं @ArvindKejriwal pic.twitter.com/Tyh896C3Dp
— Naveen Kumar (@naveenjindalbjp) February 16, 2021
दिल्ली पुलिस का दावा है कि 26 जनवरी को हुई हिंसा सोशल मीडिया पर साझा किए गए टूलकिट में बताई गई है. . दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा था "टूलकिट के रचनाकारों की मंशा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों के बीच असहमति पैदा करना और भारत सरकार के खिलाफ असहमति और अंसतोष को प्रोत्साहित करना था. इसका उद्देश्य भारत के खिलाफ सामाजिक सांस्कृतिक और आर्थिक लड़ाई को भी गति देना है." जिस वहज से विभिन्न धाराओं के तहत टूलकिट बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. ‘टूलकिट’ में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश और सामग्री होती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 17, 2021 11:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

