8th Pay Commission Update: देश के करीब 1.1 करोड़ केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें कल, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 पर टिकी हैं. सबसे बड़ी उम्मीद 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के तेजी से कार्यान्वयन और वेतन वृद्धि को लेकर है. हालांकि, तकनीकी पहलुओं और आयोग के गठन की समय-सीमा को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में पूर्ण वेतन वृद्धि लागू होना थोड़ा कठिन है, लेकिन बजट में इस दिशा में महत्वपूर्ण वित्तीय आवंटन या संकेत मिल सकते हैं.
18 महीने की डेडलाइन और मौजूदा स्थिति
8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन हुए अभी केवल तीन महीने का समय बीता है. सरकार ने इस आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने की समय-सीमा दी है. यह भी पढ़े: Union Budget 2026 Live Streaming: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल पेश करेंगी देश का आम बजट; जानें भाषण कब और कहां देखें
-
समय-सीमा: रिपोर्ट जमा करने की अवधि मई 2027 में समाप्त होगी.
-
बजट से उम्मीद: यदि सरकार कल के बजट में संशोधित वेतन और पेंशन के संभावित वित्तीय भार को संभालने के लिए किसी विशेष फंड या प्रावधान की घोषणा करती है, तो इसे एक सकारात्मक संकेत माना जाएगा.
-
तेजी की संभावना: ऐसी स्थिति में आयोग अपनी परामर्श प्रक्रिया को तेज कर समय-सीमा से पहले भी रिपोर्ट दे सकता है.
वेतन वृद्धि और राजकोषीय प्रभाव
7वें वेतन आयोग की तुलना में 8वें वेतन आयोग का राजकोष पर प्रभाव काफी अधिक होने का अनुमान है.
-
अनुमानित लागत: विशेषज्ञों के अनुसार, इसका राजकोषीय प्रभाव 2.4 लाख करोड़ से 3.2 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है.
-
कारण: पिछले एक दशक में सरकारी कार्यबल और पेंशनभोगियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
-
फिटमेंट फैक्टर: चर्चा है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) कम रहने पर भी कर्मचारियों की प्रभावी सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि वर्तमान में महंगाई भत्ता (DA) 7वें वेतन आयोग के अंतिम दौर की तुलना में काफी कम (करीब 58%) है.
क्या है महंगाई भत्ता (DA) का गणित?
अक्टूबर 2025 में हुए पिछले संशोधन के बाद वर्तमान में महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) 58 प्रतिशत पर है. आमतौर पर जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो DA और DR को शून्य कर दिया जाता है और इसे मूल वेतन (Basic Pay) में समाहित कर दिया जाता है. कर्मचारी संगठनों की मांग है कि महंगाई के बढ़ते स्तर को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.0 या उससे अधिक किया जाए.
कर्मचारियों की अन्य प्रमुख मांगें
बजट से पहले विभिन्न कर्मचारी संघों ने सरकार को ज्ञापन सौंपे हैं, जिनमें मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
-
अंतरिम राहत: नए आयोग की रिपोर्ट आने तक 20% अंतरिम राहत की घोषणा.
-
पेंशन में सुधार: पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर चल रही बहस के बीच नई पेंशन प्रणालियों में सुधार की उम्मीद.
-
18 महीने का बकाया: कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 महीने के DA एरियर के भुगतान की मांग.
आगे की राह
हालांकि, बजट में 8वें वेतन आयोग के तत्काल कार्यान्वयन की संभावना कम है, लेकिन वित्त मंत्री के भाषण में इसके लिए 'रोडमैप' की उम्मीद लाखों परिवारों को राहत दे सकती है. यदि सरकार बजट में इस दिशा में कोई कदम उठाती है, तो यह आगामी महीनों में खपत और आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने वाला साबित होगा.












QuickLY