Lalitpur Railway: 100 की स्पीड में ट्रेन की इमरजेंसी विंडो से नीचे गिरी 8 साल की मासूम, ललितपुर रेलवे पुलिस कर्मियों ने जंगल से खोजकर किया माता पिता के हवाले

एक कहावत है 'जाको राखे साइयां मार सके न कोई' इस घटना के बाद सभी यही कह रहे है. दरअसल उत्तरप्रदेश के ललितपुर में एक 8 साल की बच्ची ट्रेन के इमरजेंसी विंडो से नीचे गिर गई. जिसको रेस्क्यू किया गया.

Rail (img: Wikimedia Commons)

ललितपुर,उत्तरप्रदेश: एक कहावत है 'जाको राखे साइयां मार सके न कोई' इस घटना के बाद सभी यही कह रहे है. दरअसल उत्तरप्रदेश के ललितपुर में एक 8 साल की बच्ची ट्रेन के इमरजेंसी विंडो से नीचे गिर गई. जिसको रेस्क्यू किया गया. बताया जा रहा है की जिस समय बच्ची ट्रेन से गिरी उस समय ट्रेन 100 की स्पीड से थी और इमरजेंसी विंडो से गिरने के बाद ट्रेन करीब 10 किलोमीटर आगे आ चुकी थी.

जब बच्ची के पिता ने देखा तो उन्हें बच्ची दिखाई नहीं दी और इसके बाद ट्रेन को जंगल में रोका गया. बच्ची की तलाश में ललितपुर रेलवे के पुलिस कर्मी निकल पड़े और रात के अंधेरे में बच्ची को खोजा गया. बच्ची के पैरों में काफी चोटे थी और उसे चलने में काफी तकलीफ हो रही थी. पुलिस कर्मियों ने एक मालगाड़ी को रोककर बच्ची को स्टेशन तक लाया. ये भी पढ़े:Narmadapuram Train Video: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में रेलवे ट्रैक पार करते हुए ट्रैक्टर पटरी में फंसा, सामने से आ रही थी ट्रेन, लोको पायलट की सुझबुझ से हादसा टला

जानकारी के मुताबिक़ मथुरा जिले के वृंदावन के रंगनाथ मंदिर के पास रहनेवाले अरविंद तिवारी अपनी पत्नी और बेटी के साथ अपने गांव मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जा रहे थे. बच्ची ट्रेन की खिड़की के पास बैठी हुई थी और ट्रेन की इमरजेंसी खिड़की खुली हुई थी. अचानक से बच्ची खिड़की से बाहर गिर गई. बच्ची नीचे गिरने के बाद दो घंटे तक रोती रही और अपने माता पिटा को आवाज देती रही.

पुलिस कर्मियों ने जब बच्ची को खोजा तो उसे लेकर वे स्टेशन पहुंचे और स्टेशन पर बच्ची का इलाज किया गया. इसके बाद उसे हॉस्पिटल ले जाया गया. जहां बच्ची के पैर पर प्लास्टर लगाया गया . दुसरे दिन बच्ची को डिस्चार्ज कराकर घर ले जाया गया.

 

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