Pune Traffic Police: जहां ड्यूटी लगाई गई थी, वहां नहीं रहते थे तैनात, दूसरी जगह पर जाकर करते थे वसूली, पुणे में 3 ट्रैफिक पुलिस हुए सस्पेंड

कई शहरों में ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक सिग्नल पर नहीं दिखती है और सिग्नल से दूर रहकर वाहन चालकों पर कार्रवाई करती हुई नजर आती है. पुणे में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है. जहांपर जिस जगह ड्यूटी लगाई गई थी, वहां तैनात न रहते हुए दूसरी जगह पर तीन पुलिस कर्मी वसूली में लगे हुए थे.

Credit-(ANI)

पुणे, महाराष्ट्र: कई शहरों में ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक सिग्नल पर नहीं दिखती है और सिग्नल से दूर रहकर वाहन चालकों पर कार्रवाई करती हुई नजर आती है. पुणे में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है. जहांपर जिस जगह ड्यूटी लगाई गई थी, वहां तैनात न रहते हुए दूसरी जगह पर तीन पुलिस कर्मी वसूली में लगे हुए थे. अपनी तय ड्यूटी लोकेशन पर तैनात न रहकर तीन ट्रैफिक पुलिसकर्मी दूसरे चौक पर जाकर केवल चालान वसूलने में जुटे थे.

जब यह बात सामने आई, तो ट्रैफिक विभाग ने तत्काल एक्शन लेते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया.ये भी पढ़े:VIDEO: पुणे में ट्रैफिक पुलिस ने वाहन सवार बेटे और पिता से की बदसलूकी, मोबाइल भी तोड़ा, सोशल मीडिया पर लोग लगा रहे है जमकर लताड़

पुलिस कर रही थी मनमानी

पुणे जैसे व्यस्त शहर में हर दिन भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है.ऐसे में ट्रैफिक नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाने के बजाय यदि पुलिस सिर्फ चालान पर ध्यान दे तो यह आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता है. यही कारण है कि विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की.

कौन थे सस्पेंड पुलिसकर्मी और कहां थी ड्यूटी?

इस मामले में जिन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नाम हैं, संतोष चंद्रकांत यादव इनकी ड्यूटी एसपी चौक में लगी हुई थी,बालाजी विठ्ठल पवार इनकी ड्यूटी हिराबाग चौक में थी, मोनिका प्रवीण करंजकर इनकी ड्यूटी भावे चौक में लगी हुई थी.लेकिन ये तीनों अधिकारी अपनी-अपनी ड्यूटी लोकेशन पर मौजूद न रहकर पुरम चौक में जाकर वाहनों को रोककर चालान काट रहे थे.

तीनों पर हुई कार्रवाई

स लापरवाही की जानकारी मिलते ही ट्रैफिक विभाग ने बिना देरी किए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया. हालांकि, इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जनता के बीच नाराजगी का माहौल है और लोग पुलिस की नीयत और ज़िम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं.पुलिस से लोग सुरक्षा और व्यवस्था की उम्मीद रखते हैं, लेकिन जब वही व्यवस्था चालान वसूली का जरिया बन जाए, तो जनता का भरोसा टूटता है.

 

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