भारत और दुनिया की अहम खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.- हांगकांग: मीडिया टायकून जिमी लाई को 20 साल की जेल
- ईरान: नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी को सात साल से ज्यादा की सजा
- सुपर बॉल 2026: सिएटल सीहॉक्स ने दूसरी बार जीती विंस लोम्बार्डी ट्रॉफी
- जापान: पीएम सनाए ताकाइची की पार्टी को मिला दो-तिहाई बहुमत
- लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती हैं विपक्षी पार्टियां
- स्टालिन ने रानीपेट में जैगुआर लैंड रोवर प्लांट का उद्घाटन किया
- म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के प्रमुख ने कहा, जर्मनी को पोलैंड को हथियार देने चाहिए
- मर्सिडीज सीईओ की चेतावनी, कहा- 'जर्मनों को ज्यादा काम करना होगा'
- ईरान में सुधारवादी आंदोलन के बड़े नेता गिरफ्तार
एपस्टीन फाइल्स: मंडेल्सन नियुक्ति विवाद में किएर स्टार्मर का इस्तीफा देने से इनकार
ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने सोमवार, 9 फरवरी को यह संकेत दिया कि वे इस्तीफा देने की मांग के आगे नहीं झुकेंगे. यह विवाद पीटर मंडेल्सन को अमेरिका में राजदूत नियुक्त करने के फैसले से जुड़ा है, जिसके बाद उनके दो प्रमुख सहयोगियों ने इस्तीफा दे दिया है. स्टार्मर के सबसे करीबी सहयोगी मॉर्गन मैकस्वीनी के इस्तीफे के एक दिन बाद, डाउनिंग स्ट्रीट के कम्युनिकेशंस चीफ टिम एलन ने भी अपना पद छोड़ दिया.
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पीटर मंडेल्सन के अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ संबंधों के खुलासे ने स्टार्मर के निर्णय और शासन करने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोमवार को अपने कार्यालय में स्टाफ को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने मंडेल्सन की नियुक्ति पर एक बार फिर खेद व्यक्त किया.
उन्होंने अपने स्टाफ से कहा, "हमें यह साबित करना होगा कि राजनीति भलाई के लिए एक ताकत हो सकती है." स्टार्मर ने मैकस्वीनी की तारीफ करते हुए उन्हें एक ऐसा दोस्त बताया, जिसने लेबर पार्टी को बदलने और 2024 के राष्ट्रीय चुनाव में आधुनिक ब्रिटिश इतिहास के सबसे बड़े बहुमत में से एक के साथ जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी.
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ऊर्जा के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेंगे: विक्रम मिस्री
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार, 9 फरवरी को स्पष्ट किया कि भारत ऊर्जा आपूर्ति के लिए कई स्रोतों को बनाए रखेगा और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव भी करेगा. उनका यह बयान तब आया है जब पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि नई दिल्ली ने रूसी तेल का आयात बंद करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है.
मिस्री ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है. सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि लोगों को सही कीमत पर पर्याप्त ऊर्जा मिले और आपूर्ति विश्वसनीय बनी रहे. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत कच्चे तेल के लिए न तो किसी एक स्रोत पर निर्भर है और न ही ऐसा करने का कोई इरादा रखता है.
उन्होंने बताया कि भारत बाजार की स्थितियों के आधार पर अलग-अलग जगहों से तेल खरीदता है और सरकार व भारतीय ऊर्जा कंपनियां केवल राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होती हैं. गौरतलब है कि डॉनल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत से आयात पर लगाया गया 25 फीसदी टैरिफ हटा दिया गया था. वहीं, रूस ने कहा है कि भारत द्वारा ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की घोषणा में उन्हें कुछ भी नया नहीं लगा.
ओवैसी की शिकायत पर क्या बोले असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा
असम बीजेपी के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट की गई एक विवादित वीडियो को लेकर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शिकायत दर्ज करवाई है. ओवैसी ने हैदराबाद पुलिस से शिकायत कर मांग की है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए. ओवैसी का आरोप है कि अब डिलीट कर दी गई एक हिंसक वीडियो मे सरमा को “मुस्लिमों को शूट करते हुए दिखाया” गया है.
शिकायत के बारे में सवाल पूछे जाने पर सरमा ने कहा कि वे जेल जाने के लिए तैयार रहेंगे. वीडियो को लेकर उन्होंने कहा, "मैं किसी वीडियो के बारे में नहीं जानता हूं, अगर मेरे ऊपर केस किया है तो गिरफ्तार कर लो, क्या आपत्ति है…लेकिन मैं अपनी बात पर हमेशा कायम रहूंगा कि बांग्लादेशी और घुसपैठियों के हम खिलाफ हैं और खिलाफ रहेंगे."
ओवैसी ने अपनी शिकायत में लिखा है कि असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा बीते कुछ सालों से मुस्लिम समुदाय के खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं. उन्होंने आगे लिखा कि सरमा ने हालिया महीनों में अपने नफरती भाषणों को जानबूझकर बढ़ा दिया है और इसके पीछे उनकी मंशा हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच दुश्मनी बढ़ाने की है. उन्होंने यह भी लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, हेट स्पीच के मामलों में पुलिस को स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए.
जर्मनी: पांच मध्य एशियाई देशों के विदेश मंत्रियों से मिलेंगे योहान वाडेफुल
जर्मनी के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार, 9 फरवरी को जानकारी दी कि विदेश मंत्री योहान वाडेफुल बुधवार, 11 फरवरी को बर्लिन में मध्य एशियाई देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात करेंगे. इस बैठक के एजेंडे में ऊर्जा सुरक्षा और रूस द्वारा प्रतिबंधों से बचने के लिए अपनाए जा रहे तरीकों पर चर्चा शामिल है. प्रवक्ता ने बताया कि वाडेफुल तुर्कमेनिस्तान, तजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और कजाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे.
यूक्रेन पर आक्रमण के कारण रूस के खिलाफ यूरोपीय संघ अपना 20वां प्रतिबंध पैकेज ला रहा है. इसमें पहली बार किर्गिस्तान जैसे मध्य एशियाई देशों पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. आरोप है कि इन देशों की कंपनियां यूरोपीय संघ से सामान खरीदती हैं और फिर उसे रूस को बेच देती हैं. यही कारण है कि 2022 के आक्रमण के बाद से जर्मनी और किर्गिस्तान जैसे देशों के बीच व्यापार की मात्रा में भारी बढ़ोतरी हुई है.
प्रवक्ता ने यह स्पष्ट नहीं किया कि जर्मनी इन देशों के खिलाफ ईयू प्रतिबंधों का समर्थन करता है या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा कि मध्य एशियाई देश हमारे लिए कई मौजूदा मुद्दों पर महत्वपूर्ण भागीदार हैं. इनमें ऊर्जा विविधीकरण, संसाधन सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और प्रतिबंधों से बचने से रोकने के उपाय शामिल हैं.
एसआईआर प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी: सुप्रीम कोर्ट
पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए. अदालत ने एसआईआर प्रक्रिया की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ाने का आदेश दिया है. पहले यह समयसीमा 14 फरवरी को खत्म हो रही थी. अदालत ने कहा कि दस्तावेजों की जांच और दावों-आपत्तियों पर फैसला लेने में अधिक समय की जरूरत होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वो चुनाव आयोग को एसआईआर के कामकाज के लिए पर्याप्त संख्या मेंग्रुप-बी अधिकारी उपलब्ध कराए, जो चुनाव आयोग द्वारा तैनात किए गए माइक्रो-ऑब्जर्वरों की जगह ले सकें. कोर्ट ने यह भी कहा कि दावों-आपत्तियों पर अंतिम फैसला निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) ही ले सकेंगे, जबकि माइक्रो-ऑब्जर्वर केवल सहायक भूमिका निभाएंगे.
अदालत ने चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक डीजीपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी और यह सभी राज्यों को स्पष्ट होना चाहिए.
इस मामले में सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के मुद्दे पर कोर्ट ने कहा कि यह संविधान में भरोसे और विश्वास को दिखाता है. अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने इस मामले में आपत्ति जताई थी, जिसे खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर राजनीति मत कीजिए.
बैंकों को संदिग्ध लेन-देनों की जानकारी ग्राहकों को देनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि बैंकों को अपने ग्राहकों को डिजिटल अरेस्ट स्कैमों से बचाने के लिए मैकेनिज्म विकसित करने चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 9 फरवरी को कहा कि यह बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे संदिग्ध लेने-देन होने की स्थिति में ग्राहकों को अलर्ट करने के लिए एक तंत्र विकसित करें ताकि डिजिटल अरेस्ट स्कैमों का शिकार हुए लोगों द्वारा किए गए बड़ी राशि के लेन-देनों को रोका जा सके.
सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर इस मामले पर सुनवाई कर रहा है. कोर्ट ने बैंकों से कहा, जब कोई पेंशनर कर्मचारी, जो आम तौर पर 10 से 20 हजार रुपये अपने खाते से निकालता है, अचानक उसके खाते से 25 लाख, 50 लाख के लेन-देन होने लगते हैं तो बैंकों को अलर्ट जारी करना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि इसके लिए बैंकों को एआई टूल्स की मदद लेनी चाहिए. इसके जवाब में सरकारी वकील ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस पर ध्यान देगी.
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की. जस्टिस बागची ने गृह मंत्रालय की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अप्रैल 2021 से नवंबर 2025 के बीच 52 हजार करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी हुई. इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ये राशि कई राज्यों के बजट से भी अधिक है.
स्पेन में सुरक्षा खामियों के खिलाफ ट्रेन ड्राइवरों की तीन दिवसीय हड़ताल
सुरक्षा चिंताओं को लेकर स्पेन में ट्रेन चालकों ने सोमवार, 9 फरवरी से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. यह गुस्सा हाल ही में हुए दो भयानक हादसों के बाद फूटा है.
18 जनवरी को दक्षिणी अंडालूसिया क्षेत्र में एक हाई-स्पीड ट्रेन की टक्कर में 45 लोगों की मौत हो गई थी. इसके ठीक दो दिन बाद, बार्सिलोना के पास भारी बारिश के कारण एक दीवार ट्रैक पर गिर गई, जिससे एक यात्री ट्रेन पटरी से उतर गई. इस हादसे में एक ड्राइवर की मौत हो गई और चार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए.
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स्पेनिश कानून के मुताबिक, हड़ताल के दौरान भी आवश्यक सेवाएं चालू रहनी चाहिए. इसलिए परिवहन मंत्रालय ने आदेश दिया है कि 73 फीसदी लंबी दूरी की ट्रेनें चलती रहेंगी, लेकिन स्थानीय और क्षेत्रीय ट्रेनों के लिए यह सीमा कम रखी गई है. हड़ताल रोकने के लिए ट्रेड यूनियन के साथ परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते की बातचीत विफल रही.
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ड्राइवर यूनियन का कहना है कि रेलवे सिस्टम खराब हो रहा है और वे सुरक्षा में संरचनात्मक बदलाव की मांग कर रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में करीब 4 करोड़ यात्रियों ने हाई-स्पीड ट्रेन का इस्तेमाल किया, जो 2019 से दोगुना है. इसके बावजूद, बजट का बड़ा हिस्सा नई लाइनों पर खर्च किया गया और केवल 16 फीसदी हिस्सा ही पुरानी लाइनों की मरम्मत और अपग्रेड के लिए रखा गया. प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ बुधवार को संसद में इस पर जवाब देंगे.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आए किसान संगठन
भारत के कई किसान संगठनों और विपक्षी पार्टियों ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के ढांचे पर नाराजगी जताई है. उन्होंने आरोप लगाया है कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के अधिक आयात को अनुमति देने से घरेलू कृषि क्षेत्र को नुकसान उठाना पड़ेगा. संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम), जिसमें 100 से अधिक किसान संगठन शामिल हैं, ने इस समझौते के विरोध में 12 फरवरी को देशव्यापी प्रदर्शन करने की घोषणा की है.
एसकेएम के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा, “हम सरकार को भारतीय कृषि क्षेत्र को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोलने की अनुमति नहीं देंगे.” एसकेएम का कहना है कि इस क्षेत्र में अमेरिकी आयात से घरेलू कीमतें घट जाएंगी और ग्रामीण क्षेत्र में आय कम हो जाएगी. कश्मीर के सेब उत्पादकों के एक संगठन ने कहा है कि सेब उगाने वाले प्रमुख राज्यों में करीब सात लाख परिवार इस पर निर्भर हैं. उन्होंने मांग की है कि अमेरिकी सेबों पर 100 फीसदी से अधिक आयात शुल्क लगाया जाए.
मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस समझौते में राष्ट्रीय और कृषि से जुड़े हितों का ध्यान नहीं रखा गया है. कांग्रेस ने मांग की है कि विभिन्न उत्पादों और उन पर लगने वाले टैरिफ की विस्तृत सूची जारी की जाए. वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि गेहूं, चावल, मक्का और डेयरी उत्पादों को इस समझौते से पूरी तरह अलग रखा गया है. सरकार के मुताबिक, समझौते से भारत में उगाए गए बासमती चावल, फलों, मसालों, कॉफी और चाय को अमेरिकी बाजार में शुल्क रहित पहुंच मिलेगी.
लोकसभा में पीएम केयर्स फंड से जुड़े सवालों का नहीं मिलेगा जवाब
भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने लोकसभा सचिवालय से कहा है कि सदन में पीएम केयर्स फंड, पीएम नेशनल रिलीफ फंड और नेशनल डिफेंस फंड से जुड़े सवाल और मुद्दे स्वीकार नहीं किए जांएगे. इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में यह जानकारी साझा की है.
रिपोर्ट के मुताबिक, पीएमओ ने लोकसभा सचिवालय से कहा कि इन तीनों फंड से जुड़े सवालों की, लोकसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 41(2) (viii) और 41(2) (xvii) के तहत अनुमति नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस ने इस मामले पर पीएमओ से ईमेल के माध्यम से सवाल पूछे लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
पीएम केयर्स फंड की स्थापना मार्च, 2020 में कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद की गई थी. इसे कोविड जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए बनाया गया था. इसे पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में रजिस्टर किया गया था और कोरोना महामारी के दौर में विभिन्न कंपनियों ने करोड़ों रुपये इस फंड में दान किए थे.
हालांकि, विपक्षी पार्टियों ने इसकीपारदर्शिता पर सवाल उठाए थे. इसे लेकर कोर्ट में याचिकाएं भी दायर हुईं, जिनके जवाब में केंद्र सरकार ने कहा कि इस फंड को संविधान या किसी संसदीय कानून के तहत नहीं बनाया गया है. तब सरकार ने यह भी कहा था कि पीएम केयर्स फंड, सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे में भी नहीं आता.
ईरान में सुधारवादी आंदोलन के बड़े नेता गिरफ्तार
ईरानी सुरक्षा बलों ने सोमवार, 9 फरवरी को देश के सुधारवादी आंदोलन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों को गिरफ्तार कर लिया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने असहमति और विरोध को कुचलने के लिए अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में रिफॉर्मिस्ट फ्रंट की प्रमुख अजार मंसूरी, पूर्व राजनयिक मोहसिन अमीनजादेह और इब्राहिम असगरजादेह शामिल हैं. गौरतलब है कि इब्राहिम असगरजादेह उस समूह का हिस्सा थे जिसने 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर कब्जा किया था.
ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, तेहरान के अभियोजक ने आरोप लगाया है कि ये लोग अमेरिका और इस्राएल से मिल रही सैन्य धमकियों के बीच देश की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को बिगाड़ने की गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे थे. हालांकि, इन गिरफ्तारियों की असली वजह जनवरी में सुधारवादियों द्वारा जारी किया गया एक बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खमेनेई से इस्तीफे की मांग की थी.
यह कार्रवाई उन देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद हो रही है, जिनमें हजारों प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है. ईरान का धार्मिक शासन विरोध की किसी भी कोशिश को हिंसक तरीके से दबा रहा है. इसी बीच, जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को भी सात साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई है.
मर्सिडीज सीईओ की चेतावनी, कहा- 'जर्मनों को ज्यादा काम करना होगा'
मर्सिडीज बेंज के प्रमुख ओला शेलेनियस ने जर्मनी की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा है कि वर्षों की आर्थिक स्थिरता देश में राजनीतिक बदलाव को दक्षिणपंथ की ओर धकेल रही है. डेर स्पीगल पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में, शेलेनियस ने तर्क दिया कि यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पिछले 10 से 15 वर्षों से गलत दिशा में आगे बढ़ रही है.
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स्वीडिश मूल के सीईओ ने देश की इस सुस्ती के लिए गिरते 'वर्क एथिक' को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने जर्मनी की मौजूदा स्थिति की तुलना एक संघर्षरत फुटबॉल टीम से करते हुए कहा, "यह ऐसा है जैसे आप वर्ल्ड कप से पहले कहें कि हम पर्याप्त ट्रेनिंग कर रहे हैं, जबकि बाकी सभी दोगुनी ट्रेनिंग कर रहे हों."
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शेलेनियस ने बताया कि जर्मनी अब दुनिया में सबसे ज्यादा श्रम लागत का सामना कर रहा है. पहले उच्च उत्पादकता इन खर्चों की भरपाई कर देती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा, "हम जर्मनी में एशियाई [कामकाजी] स्थितियां नहीं चाहते, लेकिन हमें ऐसी दिशा में वापस जाना होगा जहां ऊर्जा, टैक्स और श्रम लागत के मामले में जर्मनी में निवेश करना फायदेमंद हो, वरना पूंजी कहीं और चली जाएगी."
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के प्रमुख ने कहा, जर्मनी को पोलैंड को हथियार देने चाहिए
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के प्रमुख वुल्फगांग इशिंगर ने सुझाव दिया है कि रूस से नाटो के पूर्वी हिस्से को खतरे को देखते हुए जर्मनी को पोलैंड को हथियार मुहैया कराने चाहिए. जर्मन अखबार डाई वेल्ट से बात करते हुए इशिंगर ने कहा कि बर्लिन को पोलैंड की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक पनडुब्बी, युद्धपोत या टैंक देने चाहिए, क्योंकि पोलैंड एक 'फ्रंट-लाइन स्टेट' है.
यह बयान इस साल का सुरक्षा सम्मेलन शुरू होने से ठीक पहले आया है. इशिंगर ने इस विचार को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए जर्मनी द्वारा पोलैंड को दिए जाने वाले हर्जाने के अनसुलझे मुद्दे से जोड़ा. पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवरोकी ने सितंबर में अपनी जर्मनी यात्रा के दौरान खरबों यूरो के दावे का मुद्दा उठाया था, जो दोनों देशों के रिश्तों में अक्सर तनाव का कारण बनता है.
इशिंगर ने यह भी स्वीकार किया कि जर्मनी का बढ़ता रक्षा खर्च पड़ोसी देशों में चिंता पैदा कर सकता है. उन्होंने कहा, "पेरिस और पोलैंड में भागीदारों के साथ चर्चा में, मुझे महसूस होता है कि जर्मन प्रभुत्व को लेकर पुरानी आशंकाएं फिर से उभर रही हैं." उन्होंने तर्क दिया कि जर्मनी को संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा क्योंकि यह निवेश यूरोप को अपनी रक्षा करने में सक्षम बनाने के लिए है, न कि प्रभुत्व वापस पाने के लिए. म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर बहस का दुनिया का प्रमुख मंच है, 13 से 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा.
स्टालिन ने रानीपेट में जैगुआर लैंड रोवर प्लांट का उद्घाटन किया
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रानीपेट जिले में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल और जैगुआर लैंड रोवर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया. जानकारी के मुताबिक, इस प्लांट को 9,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. यहां इंटरनल कंबश्चन इंजन (आईसीई) और इलेक्ट्रिक, दोनों तरह की गाड़ियां बनाई जाएंगी. तमिलनाडु सरकार को उम्मीद है कि इस प्लांट से 5,000 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी.
एमके स्टालिन ने इसे राज्य के इतिहास के लिए सुनहरा दिन बताया है. उन्होंने कहा, “टाटा समूह द्वारा तमिलनाडु सरकार पर जताया गया भरोसा, हमें गर्व महसूस करवाता है. तमिलनाडु के रानीपेट में 9,000 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए मैं टाटा समूह का आभार व्यक्त करता हूं.” उन्होंने आगे कहा कि तमिलनाडु, भारत का ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब है और इलेक्ट्रिक व्हीकलों का अहम केंद्र है.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती हैं विपक्षी पार्टियां
भारतीय संसद के बजट सत्र के दौरान सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बीच टकराव देखने को मिल रहा है. इस बीच न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि विपक्षी सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना रहे हैं. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया से कहा, "मैं बजट पर बोलने के लिए आया था. लेकिन अब लग रहा है कि सरकार या स्पीकर को संसद चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है." अविश्वास प्रस्ताव को लेकर उन्होंने कहा कि यह मेरे हाथ में नहीं है, इस बारे में हाईकमान से पूछिए.
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही और जब भी विपक्षी सांसद बोलना चाहते हैं, सदन को स्थगित कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि अब विपक्षी पार्टियों के पास स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के सिवाय और कोई विकल्प नहीं बचा है.
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रिपोर्टरों से कहा कि ऐसा लगता है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता, सदन को चलने नहीं देना चाहते. उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की एक जिद की वजह से सदन को ठप करके रखा हुआ है…सदन में उन्हें नियम से ही बोलना होगा." उन्होंने राहुल गांधी पर नियम तोड़ने का आरोप लगाया.
सुपर बॉल 2026: सिएटल सीहॉक्स ने दूसरी बार जीती विंस लोम्बार्डी ट्रॉफी
सिएटल सीहॉक्स ने न्यू इंग्लैंड पेट्रियट्स को 29-13 से हराकर सुपर बॉल 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है. यह इस फ्रेंचाइजी के इतिहास की दूसरी 'विंस लोम्बार्डी ट्रॉफी' है. मैच की शुरुआत काफी धीमी रही और दोनों टीमों के डिफेंस, खासकर सिएटल के डिफेंस ने खेल पर अपनी पकड़ बनाए रखी. असली रोमांच चौथे क्वार्टर में देखने को मिला, जिसमें कुल 30 पॉइंट बनाए गए.
जेसन मायर्स के चार फील्ड गोल की बदौलत सीहॉक्स आखिरी क्वार्टर में 12-0 की बढ़त के साथ दाखिल हुए थे. इसके बाद अनुभवी क्वार्टरबैक सैम डर्नोल्ड ने एजे बार्नर को पास देकर मैच का पहला टचडाउन किया.
न्यू इंग्लैंड पेट्रियट्स ने वापसी की कोशिश की जब उनके क्वार्टरबैक ड्रेक मे ने मैक हॉलिन्स को पास देकर स्कोर का अंतर कम किया. लेकिन मैच का पासा तब पूरी तरह पलट गया जब सीहॉक्स के लाइनबैकर उचेन्ना न्वोसु ने ड्रेक मे का पास बीच में ही लपक लिया और उसे एंड-जोन तक दौड़कर 'पिक-6' टचडाउन में बदल दिया, जिससे स्कोर 29-7 हो गया. पेट्रियट्स ने अंत में एक और टचडाउन किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और सिएटल सीहॉक्स ने एक शानदार जीत दर्ज की.













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