26/11 Mumbai Attacks: पाकिस्तान में आतंकी हाफिज सईद करवा रहा है कसाब सहित मारे गए 10 आतंकियों के लिए आज विशेष प्रार्थना
पाकिस्तान के साहिवाल में होने वाले इस कार्यक्रम में मुंबई में हुए आतंकी हमले 26/11 के दौरान मारे गए 10 आतंकवादियो के विशेष प्रार्थना आयोजित करेगी. इसमें आतंकवादी समर्थकों की भीड़ जमा होगी. एक दशक से भी अधिक समय पहले हुए आतंकी हमले के बाद, पाकिस्तान अभी भी हमले के पीछे के मास्टरमाइंड हाफिज मुहम्मद सईद और उसके गुर्गों को सजा नहीं दे पाया है. भारत ने हाफिज सईद के खिलाफ कई पुख्ता सबूत दिए लिए पाकिस्तान ने उसे नकार दिया. मुंबई हमले में में कम से कम 166 निर्दोष लोग मारे गए थे और 300 से अधिक घायल हुए थे.
मुंबई:- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 26 नवंबर (26/11 Attacks) के दिन आतंकियों कहर बरपाया था. आतंकवादियों ने निर्दोषों की जान ली थी. इस आतंकी हमले की नींदा पूरी दुनिया आज भी करती है. लेकिन पाकिस्तान (Pakistan) और उसकी पनाह में पलने वाले आतंकी आज भी भारत के खिलाफ नापाक साजिश रचने से बाज नहीं आते हैं. मुंबई में हुए आतंकी हमले 26/11 की आज बरसी है. आज जहां पूरा देश के वीर सपूतों के बिलिदान को नम आंखो से याद कर रहा है. वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान में राजनीति का नकाब पहने आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (Jamat-ud-Dawa) मारे गए आतंकवादियो के लिए विशेष प्रार्थना का आयोजन करा रही है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, आज पंजाब के साहिवाल शहर में एक कार्यक्रम करने वाली है.
पाकिस्तान के साहिवाल में होने वाले इस कार्यक्रम में मुंबई में हुए आतंकी हमले 26/11 के दौरान मारे गए 10 आतंकवादियो के विशेष प्रार्थना आयोजित करेगी. इसमें आतंकवादी समर्थकों की भीड़ जमा होगी. एक दशक से भी अधिक समय पहले हुए आतंकी हमले के बाद, पाकिस्तान अभी भी हमले के पीछे के मास्टरमाइंड हाफिज मुहम्मद सईद और उसके गुर्गों को सजा नहीं दे पाया है. भारत ने हाफिज सईद के खिलाफ कई पुख्ता सबूत दिए लिए पाकिस्तान ने उसे नकार दिया. मुंबई हमले में में कम से कम 166 निर्दोष लोग मारे गए थे और 300 से अधिक घायल हुए थे. 26/11 Anniversary: गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी थी मायानगरी मुंबई, 60 घंटों तक चला था मौत का खौफनाक तांडव.
भारत के बहादुर जवानों ने एक आतंकी को जिंदा पकड़ लिया था. जिन 10 आतंकवादियों ने 26/11 हमले को अंजाम दिया था, उनमें से एकमात्र जीवित व्यक्ति अजमल कसाब पाकिस्तानी नागरिक था. कसाब, जिसे 2012 में भारत में फांसी दी गई थी, का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फरीदकोट इलाके में हुआ था. उसकी शुरूआती स्कूली शिक्षा फैसलाबाद में हुई थी जिसके बाद उसने 2005 में अपना घर छोड़ दिया और अपने एक दोस्त के साथ छोटी-मोटी डकैतियों में शामिल रहा. लेकिन पाकिस्तान चोरी और सीना जोरी वाली बात अब भी करता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2020 12:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

