केरल के कपल ने बेंगलुरु में चलाया चिट फंड घोटाला, सैकड़ों निवेशक ठगे गए; 25 साल पुरानी ठगी का खुलासा
टॉमी और शाइनी ने मलयाली समुदाय, चर्च आयोजनों और धार्मिक मेलों में लगातार सक्रियता दिखाई. उन्होंने अपने चिट फंड को 'आरबीआई रेगुलेटेड' और 'सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त' बताते हुए लोगों को आकर्षित किया.
बेंगलुरु में रहने वाले केरल के एक दंपति टॉमी और शाइनी ने 25 साल तक एक चिट फंड कंपनी के जरिए सैकड़ों निवेशकों को चूना लगाया. इनकी कंपनी A&E Chit Fund Finance Ltd. लंबे समय तक चर्च और मलयाली समुदाय के बीच में भरोसे का नाम बनी रही, लेकिन अब यह एक 200-300 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला बन चुका है. टॉमी और शाइनी ने मलयाली समुदाय, चर्च आयोजनों और धार्मिक मेलों में लगातार सक्रियता दिखाई. उन्होंने अपने चिट फंड को 'आरबीआई रेगुलेटेड' और 'सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त' बताते हुए लोगों को आकर्षित किया. निवेशकों को हर महीने 12-20% तक रिटर्न देने का वादा किया गया.
कई पीड़ित निवेशकों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें समय पर ब्याज मिलता था, जिससे भरोसा बना. एक निवेशक ने कहा, “मैंने खुद निवेश किया, फिर अपने बेटे-बेटी को भी जोड़ा. सबकुछ ठीक लग रहा था, लेकिन पिछले हफ्ते से टॉमी और शाइनी दोनों गायब हैं.”
शिकायतें और नुकसान
अब तक 480 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं. कुछ लोगों ने ₹20 लाख से लेकर ₹4.5 करोड़ तक निवेश किया था. राममूर्ति नगर पुलिस स्टेशन में अकेले 289 निवेशक व्यक्तिगत रूप से शिकायत दर्ज कराने पहुंचे.
झूठे वादों की चिट्ठी और दिखावटी वेबसाइट
कंपनी ने दावा किया था कि सभी योजनाएं चिट्स रजिस्ट्रार द्वारा सुरक्षित हैं और रकम पूरी तरह से जमा है. इसके साथ ही, निवेशकों को मैच्योरिटी के बाद अधिक ब्याज देने के नाम पर दूसरी स्कीमों में फंसाया गया. वेबसाइट और योजनाओं का पूरा ढांचा लोगों को भ्रमित करने के लिए तैयार किया गया था.
केन्या भागने की आशंका, पुलिस जुटी जांच में
अब खबर है कि टॉमी और शाइनी केन्या भाग चुके हैं. उनका बेंगलुरु स्थित फ्लैट भी बेच दिया गया है. पुलिस ने उनकी बाइक, अकाउंट डिटेल्स और वीडियो फुटेज जब्त कर लिए हैं. लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है.
कहां से शुरू हुआ सफर?
दंपति मूल रूप से केरल के अलाप्पुझा जिले के रामनकारी गांव के रहने वाले हैं. गांव के लोगों के मुताबिक, वे 25 साल पहले बेंगलुरु चले गए थे और गांव में कभी-कभार ही आते थे. उनका पुश्तैनी घर अब झाड़ियों से घिरा और वीरान पड़ा है.
निवेश में सतर्कता जरूरी
इस मामले से एक बार फिर साबित होता है कि बिना सरकारी सत्यापन या दस्तावेजी सुरक्षा के किसी भी स्कीम में निवेश करना खतरनाक हो सकता है. लंबे समय से जुड़ा भरोसा भी धोखा बन सकता है, जब मुनाफे की लालच और सामाजिक नेटवर्क को गलत तरीके से भुनाया जाए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2025 04:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

